
Monsoon Session: लोकसभा में मंगलवार को लोक परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंक गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसा। दिल्ली और देशभर में हुए छात्र आंदोलन को लेकर पीएम मोदी के एक वीडियो पर प्रियंका गांधी ने कहा कि, फोन से वीडियो बनाने से कुछ नहीं होगा, दिल का एंगल बदलिए।
लोक सभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा , मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूछना चाहती हूं कि क्या जरूरत थी एक मासूम बच्ची पर इस तरह दमन करने की? क्या जरूरत थी उन छात्रों पर आंसू गैस चलवाने की? उन पर लाठियां बरसाने की? उन पर वॉटर कैनन्स चलवाने की?
क्या जरूरत थी उन नौजवान लड़कियों को जलील करते हुए उनके कपड़े फाड़ने की? उनको बेरहमी से पिटवाने की? देश के युवाओं पर पेलेट गन्स और AK-47 चलवाने की क्या आवश्यकता थी? क्या वे आतंकवादी थे? मैं पूछती हूं, किसने ऑर्डर दिया? प्रधानमंत्री या गृह मंत्री ने दिया? जवाब देंगे?
लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा, सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले सभी सेक्टरों को कमजोर कर दिया है। पेपर लीक से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन एक भी दोषी को सजा नहीं मिली। शिक्षण संस्थानों में आरएसएस के लोगों को नियुक्त कर संस्थाओं को खोखला कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, देश के युवाओं का भरोसा अब इस सिस्टम से टूट चुका है। भरोसा दोबारा बनाने के लिए उसी सिस्टम से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता। प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं का भरोसा दोबारा जीतने के लिए केवल कानून में बदलाव पर्याप्त नहीं है बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और ठोस सुधार की जरूरत है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में कहा कि, अब सरकार ही बताए उसकी प्राथमिकता क्या हैं? सरकार ने एनटीए बनाकर परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण कर दिया गया। देश में हर साल शिक्षा बजट कम होता गया है। परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण होने के बाद जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत पेपर लीक मामलों में सामने आई है।