Priyanka Gandhi News: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि पहले जिस महिला आरक्षण बिल पर सभी दलों की सहमति बनी थी, उसे तुरंत फिर से पेश किया जाए।
Delimitation And Census Controversy: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने मोदी सरकार से महिलाओं के आरक्षण पर पुराने बिल को दोबारा लाने की मांग की। दरअसल, शुक्रवार को लोक सभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पास नहीं हो सका। इसके बाद सरकार ने विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया है।
मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को चुनौती भी दी है। उन्होंने कहा कि पहले जिस महिला आरक्षण बिल पर सभी दलों की सहमति बनी थी, उसे तुरंत फिर से पेश किया जाए।
उन्होंने कहा कि सोमवार को संसद बुलाइए, पुराना महिला आरक्षण बिल लाइए और देखते हैं कौन महिला विरोधी है। हम सभी उसका समर्थन करेंगे।
दरअसल, लोक सभा में विशेष सत्र के दौरान यह विधेयक जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि बिल पारित नहीं हुआ है।
विधेयक के गिरने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार अब इससे जुड़े अन्य दो विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी।
बता दें कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष ने 33% महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक सुधार को रोक दिया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस, टीएमसी समेत अन्य दलों पर बिल गिराने का आरोप लगाते हुए राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि अगर यह विपक्ष महिलाओं का अपमान करने में अपनी जीत समझता है। अगर महिलाओं का अपमान करने को ही जीत समझता है, तो उसे निश्चित रूप से एक बड़ी हार के लिए खुद को तैयार कर लेना चाहिए। संसद के पूरे इतिहास में, कोई भी विपक्ष इससे बड़ी गलती नहीं कर सकता।
दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि वह महिलाओं के आरक्षण का समर्थन करता है, लेकिन इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ने का विरोध करता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे देश की चुनावी व्यवस्था में बदलाव की कोशिश बताया, जबकि कांग्रेस के अन्य नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा बताया।