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SIR विवाद पर प्रियंका गांधी का चुनाव आयोग पर निशाना, बोली- चुनाव निष्पक्ष नहीं तो लोकतंत्र कहां है?

Election Commission: SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रियंका गांधी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होने पर यह लोकतंत्र पर बेहद गंभीर हमला है।
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Sep 23, 2026
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SIR विवाद पर प्रियंका गांधी का चुनाव आयोग पर निशाना (फोटो सोर्स- ANI)

Priyanka Gandhi: SIR प्रक्रिया को लेकर सामने आई द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं और उनमें किसी तरह की धांधली होती है, तो चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं।

'अगर चुनाव निष्पक्ष नहीं, तो लोकतंत्र कहां?'

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह मुद्दा बेहद गंभीर है और सीधा देश के लोकतंत्र से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मुद्दा है। अगर चुनाव ही नहीं हैं, तो लोकतंत्र कहां बचेगा? जब चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं होंगे और उनमें गड़बड़ी या धांधली की जाएगी, तो इसका सीधा मतलब है कि चुनाव आयोग भी इसमें मदद कर रहा है।

चुनाव आयुक्तों की भूमिका पर उठाए सवाल

चुनाव आयोग के अफसरों पर सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सब जानते हुए भी इसे रोकने की जगह होने दे रहे हैं, तो यह लोकतंत्र पर एक बहुत बड़ा हमला है। यह देशद्रोह के समान कृत्य है।

राहुल गांधी ने भी साधा निशाना

X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। BJP, RSS और EC, जिन्होंने इसे अंजाम दिया, उन्होंने देशद्रोह का काम किया है। न्याय जरूर होगा। राहुल ने कहा कि मैं चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों से साफ-साफ कह रहा हूं। आप जो कर रहे हैं, वह गलत है। यह देशद्रोह है, यह देश के खिलाफ है। इसे भूलिए मत। समय आएगा! हम आपको पकड़ेंगे! आपको बख्शा नहीं जाएगा।

विपक्ष का हमला, विश्वसनीयता पर खड़े किए सवाल

इस रिपोर्ट के सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और मनीष तिवारी ने आयोग की निष्पक्षता और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि सर्वसम्मति या बहुमत के बिना महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, तो इससे संस्था की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है और उन्होंने इस विषय पर गंभीर संवैधानिक मंथन की जरूरत बताई। इसके अलावा जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर तथा अन्य राजनीतिक विश्लेषकों ने भी इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से मामले में संज्ञान लेने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि इतने बड़े पैमाने पर प्रक्रिया का पालन किए बिना वोटर लिस्ट में बदलाव करने से करोड़ों मतदाता प्रभावित हो सकते हैं।

Updated on:
23 Sept 2026 02:18 pm
Published on:
23 Sept 2026 01:46 pm