
Priyanka Gandhi: संसद के मॉनसून सत्र के चौथे दिन भी लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे, फिर 2 बजे तक और अंततः शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद नहीं चलने के सवाल पर सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि देशभर में छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक संसद में इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया। साथ ही प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री से भी सवाल पूछा कि पुलिस ने लाठीचार्ज युवाओं और छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि पत्रकारों को विपक्ष से नहीं, बल्कि सरकार से सवाल पूछने चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री मीडिया के सामने बयान दे रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री संसद में आकर जवाब नहीं दे रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि जब पूरे देश में युवा और छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, तब सबसे बड़ा सवाल यह होना चाहिए कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि संसद नहीं चलने के बजाय यह पूछा जाना चाहिए कि छात्रों के हित में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे को लेकर सवाल उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सरकार से पूछना चाहिए कि पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी कौन लेगा और शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ। साथ ही उन्होंने पूछा कि कई छात्र अस्पतालों में क्यों भर्ती हुए और प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की क्या जरूरत थी। प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों को आतंकवादी की तरह क्यों देखा जा रहा है।
इससे पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में NEET UG पेपर लीक मामले और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव(Adjournment Motion) का नोटिस दिया।
पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त कार्रवाई की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अब लोगों का सरकार की बातों पर भरोसा नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए और सरकार को छात्रों से सीधे बातचीत करनी चाहिए।