
दिशा सालियान मामले में बोले आदित्य ठाकरे(फोटो-IANS)
Disha Salian Case: दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामले से जुड़े कई नामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी तरह के व्यक्तिगत परिचय से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह दिशा सालियान से 'कभी नहीं मिले और न ही उन्हें जानते थे।' इस मामले में आदित्य ठाकरे का नाम बार-बार उछल रहा है।
आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान मामले में अपना नाम चर्चा में आने पर कहा कि उनका दिशा सालियान से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही उन्हें जानता था।' इससे पहले भी आदित्य ठाकरे ने मामले से खुद को जोड़ने वाले आरोपों को खारिज किया था। सितंबर की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि जब उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है तो वह इस पर जवाब क्यों दें।
सोशल मीडिया साइट 'X' पर आदित्य ठाकरे ने लिखा कि आइए एक बार फिर शोर से अलग हटकर सिर्फ तथ्यों की बात करते हैं। मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही मेरा उन्हें जानता था या उनसे किसी तरह का परिचय था। पिछले करीब छह वर्षों से कुछ लोग राजनीतिक और निजी वजहों से बिना किसी सबूत के लगातार मेरा नाम इस दुखद मामले से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह मेरे चरित्र को बदनाम करने की एक सोची-समझी कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी सबूत और सच्चाई के चलाया जा रहा यह लगातार बदनाम करने वाला अभियान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। टीवी चैनलों पर होने वाली तेज बहस और मीडिया ट्रायल तथ्यों को नहीं बदल सकते। आधिकारिक एजेंसियों को इस मामले की दोबारा जांच निष्पक्ष तरीके से करने दी जानी चाहिए। जांच में किसी तरह का दुर्भावनापूर्ण हस्तक्षेप, राजनीतिक दखल या चरित्र हनन नहीं होना चाहिए।
अपने एक और पोस्ट में आदित्य ने लिखा कि मैं एक बार फिर साफ कर देना चाहता हूं कि मैंने दिशा सालियान से कभी मुलाकात नहीं की और न ही मेरा उनसे कोई परिचय था। इसके बावजूद पिछले छह सालों से कुछ लोग राजनीतिक कारणों और निजी दुश्मनी के चलते मेरे नाम को इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से बार-बार जोड़ रहे हैं, जबकि इसका कोई सबूत या संबंध मौजूद नहीं है। तथ्यों और सच्चाई से परे चलाया जा रहा यह झूठा अभियान दुर्भाग्यपूर्ण है। टीवी चैनलों पर होने वाली बेबुनियाद चर्चाएं और मीडिया ट्रायल सच्चाई को नहीं बदल सकते। आधिकारिक एजेंसियों को इस मामले की नए सिरे से जांच करने दीजिए। जांच बिना किसी हस्तक्षेप, राजनीतिक दखल और चरित्र हनन के निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
मैं फिर कहना चाहता हूं कि अगर आपको लगता है कि चरित्र हनन और झूठे प्रचार के जरिए हमें चुप कराया जा सकता है, तो यह आपकी गलतफहमी है। सच्चाई के लिए और अन्याय के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इस लड़ाई में हम देशवासियों को भी साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।
Updated on:
16 Sept 2026 06:36 pm
Published on:
16 Sept 2026 06:15 pm
