
नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमाने लगी है। आम आदमी पार्टी (आप) को पंजाब में बड़ा सियासी झटका लगा है। आप के वरिष्ठ बागी नेता कुनवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमांजरा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद दोनों नेताओं ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला।
हरमीत सिंह पठानमाजरा ने कहा कि आम आदमी पार्टी जब पंजाब आई थी, तब उसके विचार काफी अच्छे थे। इन विचारों से प्रभावित होकर बड़े स्तर पर संगठन और सरकार बनी, लेकिन धीरे-धीरे पार्टी का रवैया बदलने लगा। पंजाब के हितों की बात करने वाले नेताओं की आवाज दबाई जाने लगी। पठानमाजरा ने कहा कि आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा के साथ जुड़ने पर उन्हें खुशी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में जो भी नेता पंजाब के हितों की बात करता था या अपनी आवाज उठाता था, उसके पर कतरने शुरू कर दिए जाते थे।
उन्होंने कुंवर विजय प्रताप सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि वे हिंदू होने के बावजूद हमेशा सिखों के मुद्दों पर आवाज उठाते रहे। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब कुंवर विजय प्रताप ने पार्टी छोड़ी तो पंजाब का शायद ही कोई ऐसा कोना रहा होगा, जहां उनके पोस्टर और बैनर नहीं लगे थे। पठानमाजरा ने कहा कि पार्टी नेताओं का इस्तेमाल करने के बाद उनकी सुध तक नहीं लेती।
वहीं, भाजपा में शामिल होने के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में AAP खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने खुद पार्टी को इस स्थिति तक पहुंचाया है। आम आदमी पार्टी अब व्यावहारिक रूप से अस्तित्व में नहीं रह गई है। कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि पंजाब में भी डबल इंजन की सरकार बनेगी। उनका यह बयान 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आया है।
उन्होंने कहा कि जहां तक अपराध दर की बात है, मैंने अमृतसर में SP के तौर पर काम किया है। 2007, 2008 और 2009 के दौरान, हमने नशीले पदार्थों की समस्या और अपराध, दोनों को पूरी तरह से खत्म कर दिया था। लेकिन मेरे जाने के बाद, हालात कभी दोबारा काबू में नहीं आ पाए।