
Daljit Singh Cheema (Photo-ANI)
चंडीगढ़। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के बागी नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अब आम आदमी पार्टी कोई भी विधायक साथ नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी को जमीनी स्तर पर भी विरोध का सामना करना पड़ेगा।
चीमा ने कहा कि सभी जानते हैं कि पंजाब में आगे क्या होने वाला है। जब विधायक ही पार्टी छोड़ने का इंतजार कर रहे थे, तो गांव-गांव जाकर जनता को यह जवाब कौन देगा कि पंजाब को लूटे जाने के दौरान वे चुप क्यों रहे? उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद आम आदमी पार्टी के साथ एक भी सरपंच, जिला परिषद सदस्य या ब्लॉक समिति सदस्य खड़ा नजर नहीं आएगा।
दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के विधायकों ने साढ़े चार साल तक इसलिए इंतजार किया, ताकि दल-बदल के कारण उनकी सदस्यता रद्द न हो जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में पार्टी ने ब्लैकमेलिंग, झूठ और भ्रामक सूचनाएं फैलाने के अलावा कोई काम नहीं किया है।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन (BKU) कादियां की ओर से 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल को बिना शर्त समर्थन देने के फैसले पर चीमा ने खुशी जताई। उन्होंने इसे पार्टी के लिए सम्मान और गर्व की बात बताया।
चीमा ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन कादियां पंजाब का एक पुराना और मजबूत किसान संगठन है, जिसकी जमीनी स्तर पर अच्छी पकड़ है। पंजाब की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर निर्भर है। ऐसे में जब किसानों का एक बड़ा संगठन शिरोमणि अकाली दल पर भरोसा जताते हुए उसके समर्थन में आगे आया है, तो यह पार्टी के लिए बड़ी बात है। उन्होंने किसान यूनियन का आभार जताते हुए इसके सदस्यों को बधाई दी। चीमा ने कहा कि इस संगठन के समर्थन से शिरोमणि अकाली दल को एक बड़ी ताकत मिली है।
Updated on:
2 Nov 2026, 1:50 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 1:50 PM IST
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