
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (फोटो- ANI)
Aam Aadmi Party: बागलपुर में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान INDIA गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि जनता ने 2024 के चुनाव में विपक्ष को नकार दिया था। इसके बावजूद विपक्ष अब देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है।
भागलपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान नितिन नवीन ने विपक्ष के चुनावी रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि SIR के बाद कर्नाटक में विपक्षी दलों को जीत मिली तो उन्हें चुनाव प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई, लेकिन बिहार में हार के बाद वे वोट चोरी के आरोप लगाने लगे। नितिन नवीन ने कहा कि विपक्ष का रवैया समझ से परे है। अगर चुनाव में जीत मिलती है तो उसे लोकतंत्र की जीत बताया जाता है, लेकिन हार मिलने पर लोकतंत्र खतरे में होने की बात कही जाने लगती है।
BJP अध्यक्ष ने विपक्षी दलों को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें अपनी राजनीति और काम करने के तरीके पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर आप लोग समय रहते नहीं जागे तो आने वाले दिनों में विपक्ष की कुर्सी भी नहीं बचेगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सदन में भी इन मुद्दों को प्रभावी तरीके से नहीं उठा सके और न ही सड़कों पर जनता के बीच इन्हें बड़ा मुद्दा बना पाए। नितिन नवीन के मुताबिक, 2024 के चुनाव में जनता ने विपक्ष को इसका जवाब दिया।
नितिन नवीन ने विपक्षी नेताओं और दलों का नाम लेकर भी हमला बोला। उन्होंने बिहार में तेजस्वी यादव, उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और दिल्ली में आम आदमी पार्टी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जनता ने इन दलों और नेताओं को चुनाव में नकारा है, लेकिन अब यही विपक्ष देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को सदन और जनता के बीच अपनी बात रखने का मौका मिला, लेकिन वह इन मुद्दों पर लोगों का भरोसा नहीं जीत सका।
नितिन नवीन ने बिहार से शुरू हुई SIR प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय विपक्ष ने वोट चोरी के आरोप लगाए, लेकिन किसी नेता ने औपचारिक शिकायत तक नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आरोप सही थे तो शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई गई? BJP अध्यक्ष ने कहा कि SIR की प्रक्रिया के तहत आपत्तियां और शिकायतें दर्ज कराने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था। उनके मुताबिक, प्रक्रिया पूरी होने के बाद विपक्ष इस मुद्दे पर चुप हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष न तो सदन में इन सवालों को उठा पाया और न ही जनता के बीच अपनी बात रख सका।
Updated on:
2 Nov 2026, 2:04 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 1:49 PM IST
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