
Analogue paneer ban in Punjab: त्योहारी सीजन से पहले देश के कई राज्यों में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पंजाब सरकार ने गैर-डेयरी उत्पाद से तैयार होने वाले एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री और भंडारण पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 508 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया है। महाराष्ट्र में भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने लोगों से खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है।
पंजाब सरकार ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य में एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री, वितरण और भंडारण पर 12 महीने के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश पंजाब के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त कंवलप्रीत बराड़ ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत जारी किया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, पंजाब में कोई भी खाद्य कारोबार संचालक किसी भी नाम से एनालॉग पनीर का उत्पादन, बिक्री या भंडारण नहीं कर सकेगा। आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए खाद्य विभाग पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।
उधर, त्योहारी सीजन को देखते हुए दिल्ली के खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजधानी में जांच और प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। ओखला सब्जी मंडी में कार्रवाई के दौरान करीब 508 किलो मिलावटी पनीर पाया गया, जिसे मौके पर नष्ट कर दिया गया। मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। विभाग ने दिल्ली के अलग-अलग जिलों से विभिन्न खाद्य पदार्थों के 22 नमूने भी लिए हैं। इन्हें जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि त्योहारी सीजन में दूध उत्पादों, पनीर, मिठाइयों और खाद्य तेल की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की लगातार निगरानी जरूरी है।
महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने भी लोगों से खाद्य पदार्थ और दवाएं खरीदते समय सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि खरीदारी से पहले उत्पाद के घटक, निर्माण और एक्सपायरी तारीख तथा बेस्ट-बिफोर डेट जरूर जांचें। उनके मुताबिक, खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और असलियत जाने बिना खरीदारी करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।