
Punjab Election 2027: पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश राज्य सभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। 16 अक्टूबर को इन राज्य सभा सीटों के लिए मतदान होगा। यूपी के 10 राज्य सभा सांसदों का 25 नवंबर को कार्यकाल खत्म होने वाला है। अब पंजाब चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को दोबारा बीजेपी राज्य सभा भेजगी या नहीं, इसे लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
बता दें कि हरदीप सिंह पुरी उत्तर प्रदेश से राज्य सभा सांसद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी की संभावित लिस्ट में हरदीप सिंह पुरी का नाम भी शामिल है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी हाई कमान को लेना है। यूपी की 10 राज्य सभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर अभी तक बीजेपी ने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नहीं किया है।
हरदीप सिंह पुरी की संभावित राज्य सभा वापसी को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हरदीप सिंह पुरी बीजेपी के प्रमुख सिख चेहरों में शामिल हैं और पंजाब की राजनीति में पार्टी की सक्रियता बढ़ने के बीच उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
पंजाब में सिख आबादी काफी है। बीजेपी ने पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने और राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी की दिशा में संकेत दिए हैं। ऐसे में पुरी जैसे राष्ट्रीय स्तर के सिख चेहरे की सक्रियता पार्टी के पंजाब अभियान का हिस्सा बन सकती है। खास तौर पर अमृतसर और शहरी पंजाब से जुड़े मुद्दों पर पुरी पहले भी सक्रिय रहे हैं।
बता दें कि रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफा देने के बाद मोदी सरकार में हरदीप सिंह पुरी अकेले सिख हैं। माना जा रहा है कि पंजाब चुनाव को देखते हुए पुरी को एक बार फिर बीजेपी राज्य सभा भेज सकती है।
बता दें कि अगर हरदीप सिंह पुरी को बीजेपी दोबारा राज्य सभा भेजती है, तो पंजाब चुनाव में पार्टी को फायदा हो सकता है। भाजपा पंजाब में पार्टी के अभियान के दौरान उन्हें एक प्रमुख सिख चेहरे के तौर पर सामने रख सकती है।
दूसरी तरफ, अगर पुरी को राज्यसभा का टिकट नहीं मिलता है तो यह सवाल भी उठेगा कि बीजेपी पंजाब के लिए किस सिख चेहरे को आगे करती है और पुरी को पार्टी में कोई दूसरी जिम्मेदारी मिलती है या नहीं।