
Punjab Politics: पंजाब विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों को सदन में आने से रोके जाने पर हंगामा हो गया। अब इस पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कांग्रेस विधायकों को सदन में रोके जाने से नाराजगी जताई है। बाजवा ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र का अपमान बताते हुए सवाल उठाया कि क्या विधानसभा सिर्फ सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों के लिए है?
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने कहा कि वह विधानसभा के अंदर गए और स्पीकर से पूछा कि विपक्ष के सभी विधायकों को क्यों रोका गया है। क्या विधानसभा में केवल सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों को ही आने की अनुमति है? विपक्षी दलों के विधायकों को सदन में प्रवेश करने से रोकना कहां तक उचित है?
प्रताप सिंह बाजवा ने आगे कहा कि जब उन्होंने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष से सवाल किया, तो स्पीकर ने जवाब दिया कि सब कुछ कानून के अनुसार किया जा रहा है। इस पर बाजवा ने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसी कानून व्यवस्था है, जिसमें विपक्षी विधायकों को ही विधानसभा में प्रवेश से रोका जा रहा है?
उन्होंने कहा कि क्या पंजाब विधानसभा सिर्फ आम आदमी पार्टी के लिए है? क्या विपक्षी दलों के किसी भी विधायक को सदन में आने की अनुमति नहीं है? उन्होंने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया।
बता दें कि कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार को सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। उनका आरोप था कि विधायक सुखपाल सिंह खैरा को सदन में प्रवेश करने से रोका गया। बता दें कि खैरा को शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में, सत्र की बाकी बैठकों के लिए निलंबित कर दिया गया था।
वहीं इससे पहले विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह झाड़ू को जलाकर विभिन्न मुद्दों पर सरकार की विफलताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। काले कपड़े पहने और हाथों में तख्तियां लिए इन विधायकों ने सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ नारे लगाए।