
संगरूर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन के घर सीबीआई की तलाशी के दौरान जांच एजेंसी की गाड़ी पर फूल बरसाने और मिठाई बांटने का मामला तूल पकड़ गया है। संगरूर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि घराचों थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) यशपाल शर्मा को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह घटनाक्रम उस समय हुआ, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान संगरूर के दौरे पर थे। खास बात यह है कि सीबीआई की कार्रवाई का स्वागत करने वालों में विपक्षी दलों से जुड़े कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल बताए जा रहे हैं।
मंगलवार शाम सीबीआई की टीम राजबीर सिंह घुम्मन के संगरूर जिले के घराचों स्थित आवास पर तलाशी लेने पहुंची। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने सीबीआई की गाड़ी पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं और मिठाई बांटी। संगरूर पुलिस ने बाद में फूल बरसाने वाले दो लोगों को हिरासत में लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 'द ट्रिब्यून' को बताया कि मुख्यमंत्री के संगरूर दौरे को देखते हुए घराचों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारी के अनुसार, ड्यूटी में कथित लापरवाही के चलते एसएचओ यशपाल शर्मा को निलंबित किया गया है।
सीबीआई की गाड़ियों के स्वागत का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। संगरूर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नेताओं को सुबह उनके घरों से हिरासत में लिया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू की है। मंगलवार को जांच एजेंसी ने पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी ली। सीबीआई के मुताबिक, मामले में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी राजबीर सिंह घुम्मन के अलावा नितिन गोहल और जितिन गोहल उर्फ राजा सहित बिचौलियों और सहयोगियों के नाम शामिल हैं।
सीबीआई ने जांच के तहत पंजाब और चंडीगढ़ में आठ ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर के स्थान शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार ये परिसर मामले में नामजद या संबंधित लोगों से जुड़े हैं। तलाशी के दौरान कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय की ओर से लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से भी जुड़ा बताया गया है। सीबीआई की कार्रवाई के बाद पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।