
Congress Internal Conflict: पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के कार्यक्रमों में विभिन्न गुटों के बीच छींटाकशी और नारेबाजी से तनाव बढ़ता जा रहा है। खास बात यह है कि यह सब प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की मौजूदगी में हो रहा है। हालांकि, प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने अनुशासनहीनता करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके बावजूद पार्टी की बैठकों में लगातार हंगामे की स्थिति बन रही है।
लुधियाना के गुरु नानक भवन में आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में भी पार्टी के दो गुट आमने-सामने आ गए। कार्यक्रम शुरू होने से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और वरिष्ठ नेता भारत भूषण आशु के समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी और तीखी नोकझोंक हुई, जिससे सभागार का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे के कारण कार्यक्रम निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका। बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही दोनों गुटों के समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे विवाद और बढ़ गया।
कार्यक्रम के दौरान हंगामा बढ़ने पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मंच से बिना किसी का नाम लिए दूसरे गुट पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा को बढ़ावा देते हैं।
वडिंग ने कहा कि ऐसे लोगों को दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकालकर बाहर फेंक दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद सभागार में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध जताया।
प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल पूरे घटनाक्रम के दौरान मंच पर मौजूद रहे। शुरुआत में उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया और स्थिति पर नजर बनाए रखी। वहीं, हंगामा बढ़ने पर राजा वडिंग लगातार कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील करते रहे, लेकिन दोनों गुटों के समर्थकों ने उनकी अपील को अनसुना कर दिया।
स्थिति बिगड़ती देख पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और आयोजकों ने हस्तक्षेप कर कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। काफी देर की मशक्कत के बाद भारत भूषण आशु के समर्थक सभागार छोड़कर बाहर चले गए। माहौल शांत होने के बाद कार्यक्रम शुरू हुआ।