
Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी नेता उदित राज का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गुटबाजी सिर्फ चुनावी हार की वजह नहीं है, बल्कि संगठन को भी कमजोर करती है। उदित राज ने कहा कि पंजाब के नेताओं और कार्यकर्ताओं को इससे सबक लेना चाहिए। उनका दावा है कि पिछला विधानसभा चुनाव भी गुटबाजी की वजह से कांग्रेस हार गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे पार्टी अध्यक्ष अपनी ही सरकार के हर फैसले का विरोध कर रहे हों। उदित राज ने नेताओं से मतभेद पार्टी के मंच पर उठाने और गुटबाजी से बचने की अपील की है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने पार्टी में चल रही आंतरिक गुटबाजी पर चिंता जताते हुए इसे चुनाव हारने और संगठनात्मक स्तर पर कमजोर होने की प्रमुख वजह बताया है। उदित राज ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि गुटबाजी से किसी को भी फायदा नहीं होता, बल्कि पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
उदित राज ने लिखा कि कांग्रेस में आंतरिक गुटबाजी न सिर्फ चुनाव हारने की बड़ी वजह है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर पार्टी के कमजोर होने का मुख्य कारण भी है। यह समझना मुश्किल है कि गुटबाजी से किसे फायदा पहुंचता है।
कांग्रेस नेता ने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि गुटबाजी के कारण कांग्रेस वहां सरकार बनाने का मौका गंवा बैठी। उन्होंने पंजाब के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सबक लेने की अपील की। उदित राज ने याद दिलाया कि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान पंजाब में भी पार्टी भयंकर गुटबाजी की शिकार हुई थी।
उन्होंने आगे लिखा कि ऐसा लग रहा था जैसे पार्टी अध्यक्ष ने अपनी ही सरकार के हर फैसले का विरोध करने का ठेका ले रखा हो, जिसका नतीजा यह हुआ कि हम चुनाव हार गए।
कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान बचाने की लड़ाई और राहुल गांधी के त्याग व समर्पण को देखते हुए पार्टी को गुटबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि संगठन के अंदर कोई मुद्दा या मतभेद हो तो उसे पार्टी के उचित मंच पर उठाया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से या अंदरूनी कलह के जरिए।
उदित राज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक चुनौतियों और आंतरिक कलह से जूझ रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पहले भी गुटबाजी को लेकर चिंता जता चुके हैं।
कांग्रेस में गुटबाजी की समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है। कई राज्यों में टिकट वितरण, पदों के बंटवारे और स्थानीय नेतृत्व को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं, जिसका सीधा असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ता है। उदित राज का ट्वीट पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच बहस छेड़ने वाला माना जा रहा है।
BJP द्वारा आगामी MP विधानसभा उपचुनावों के लिए नरोत्तम मिश्रा का नाम नहीं चुने जाने पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि BJP में जो भी आगे बढ़ता है, उसे नीचे गिराने का कल्चर है। उदाहरण के लिए शिवराज सिंह चौहान लगभग 9 लाख वोटों से जीते थे, लेकिन उनका कद घटा दिया गया। उन्हें केंद्र में भेज दिया गया। मोहन यादव से पहले नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश के सबसे जाने-माने नेताओं में से एक थे, हालांकि वे विवादित सांप्रदायिक बयान देने के लिए भी जाने जाते थे। BJP में जो भी बड़ा दिखता है, उसे उसकी औकात दिखा दी जाती है। वहां कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं है।