
Tarun Chugh on Bhagwant Mann: पंजाब में अवैध खनन और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी सांसद तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि पंजाब के संसाधनों को खुलेआम लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई इलाकों में अवैध खनन जारी है और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।
तरुण चुघ ने दिल्ली में कहा कि पंजाब के रावी नदी, पठानकोट के चक्क दरिया इलाके और आनंदपुर साहिब-रूपनगर समेत कई क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन इलाकों में खुले तौर पर अवैध खनन हो रहा है।
बीजेपी सांसद ने कहा कि पंजाब के संसाधनों को बचाने की जरूरत है। उन्होंने रावी नदी और पठानकोट के चक्क दरिया क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यहां खनन को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आनंदपुर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब-रूपनगर के इलाकों में भी अवैध खनन किया जा रहा है। चुघ ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के इस तरह इस्तेमाल से पंजाब को नुकसान हो रहा है।
तरुण चुघ ने अपने बयान में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने एक समय खनन से राज्य सरकार को राजस्व मिलने की बात कही थी।
हालांकि, चुघ ने आरोप लगाया कि खनन से जुड़े नियमों और पर्यावरणीय प्रतिबंधों के बावजूद पंजाब में अवैध गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और कार्रवाई करने की मांग की है।
बीजेपी सांसद ने कहा कि बड़े पैमाने पर खनन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 85 स्थानों पर खनन पर रोक लगाई थी। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर और रावी नदियों की गाद निकालने के काम पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे।
इसके बावजूद उन्होंने दावा किया कि जमीन पर स्थिति अलग दिखाई देती है। चुघ ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गुरदासपुर के किसी भी इलाके में जाकर स्थिति देखे तो उसे दिन या रात दोनों समय खनन से जुड़े काम दिखाई दे सकते हैं।
तरुण चुघ ने पंजाब में मीडिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में 'अघोषित सेंसरशिप' की स्थिति है। उनके मुताबिक, अखबारों में क्या लिखा और छापा जाएगा और टीवी पर क्या दिखाया जाएगा, यह भगवंत मान के कार्यालय से तय होता है।
बीजेपी सांसद ने मीडिया संस्थानों से पंजाब के खनन प्रभावित इलाकों में जाकर स्वतंत्र रूप से स्थिति की जांच करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और अवैध खनन पर रोक के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।