
Punjab Police Uniform Controversy: पंजाब में पुलिसकर्मियों की वर्दी को लेकर कथित एडवाइजरी पर सियासी विवाद बढ़ गया है। इस पर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। वहीं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ऐसी किसी एडवाइजरी के जारी होने से इनकार किया है। वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर रक्षात्मक क्यों हो रही है, यह उनकी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से पत्र और वॉयस नोट जारी किए जाने तथा पुलिसकर्मियों की ओर से सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताए जाने की बात सामने आई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कथित पत्र में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पहले भी पुलिस स्टेशनों और चौकियों पर ग्रेनेड हमले हुए हैं और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने अमृतसर में दिनदहाड़े एक एएसआई की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना का भी जिक्र किया।
कांग्रेस नेता वड़िंग ने कहा कि पंजाब पुलिस एक अनुशासित बल रही है और उसने राज्य के कठिन दौर को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मुताबिक, कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के लिए पुलिस नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व जिम्मेदार है।
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कथित पंजाब पुलिस पत्र का हवाला देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि पत्र संख्या 24577-8 है और इसकी तारीख 18 सितंबर है। मजीठिया ने कहा कि पत्र सामने आने के बाद इसका ऑडियो भी पुलिसकर्मियों के विभिन्न ग्रुपों में प्रसारित हुआ।
मजीठिया ने कहा कि यदि भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे पंजाब के जिलों में पुलिसकर्मियों को वर्दी नहीं पहनने के लिए कहा जाता है, तो इससे आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि दिल्ली से अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पंजाब सरकार को 'रिमोट कंट्रोल' से चलाना चाहते हैं।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पुलिस की वर्दी से संबंधित किसी एडवाइजरी के जारी होने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है, जिसमें पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी नहीं पहनने को कहा गया हो।
चीमा के मुताबिक, पुलिसकर्मियों को समय-समय पर ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी पहनने और नियमों का पालन करने से संबंधित सामान्य निर्देश जारी किए जाते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर पंजाब पुलिस और पंजाब को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में गलत नैरेटिव फैलाया जा रहा है।