
Pushkar Singh Dhami on Congress Leaders: चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना जरूरी है लेकिन किसी इंटरनल नोट को अंतिम फैसला या संस्थागत संकट के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए। धामी ने कहा कि किसी भी इंटरनल चर्चा को लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामने आए तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि चुनाव आयोग का अंतिम फैसला क्या था, क्या घोषित किया गया और वह कानून की कसौटी पर कितना सही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इन सवालों के जवाब संबंधित दस्तावेजों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एजेंडे को आगे बढ़ाने या संस्थाओं को बदनाम करने के लिए सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए।
धामी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, प्रशासनिक व्यवस्था या ईवीएम पर सवाल उठाकर संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर होने वाली चर्चाओं को भी इसी संदर्भ में देखने की बात कही।
पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संगठन पूरी तरह खत्म हो चुका है और उनके नेता मौजूदा समय में कॉमेडियन की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
धामी ने राहुल गांधी के देहरादून दौरे का जिक्र करते हुए उनके परीक्षा में नकल से जुड़े बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी के उस दावे को गलत बताया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि बीजेपी सरकारों ने परीक्षा में नकल से जुड़े किसी अपराधी को जेल नहीं भेजा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में परीक्षा में नकल से जुड़े मामलों में 100 से ज्यादा लोगों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ये वे लोग थे जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।
धामी ने उत्तराखंड में हुई सरकारी भर्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 35,000 नियुक्तियां पूरी की गई हैं। उनके मुताबिक, इन नियुक्तियों को बंद कमरे में नहीं किया गया, बल्कि मुख्यसेवक सदन में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे गए।