दिल्ली में ‘शीश महल पार्ट टू’ विवाद गरमा गया है, राघव चड्ढा ने AAP पर फिर से निशाना साधा। बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल के नए आवास पर उठाए सवाल। पार्टी में असंतोष और नेताओं के इस्तीफों को लेकर सियासत तेज, मुद्दा फिर बन गया चर्चा का केंद्र।
Raghav Chadha Joins BJP: दिल्ली की सियासत पिछले दो दिनों से बहुत गर्म हो गई है। जब से आप(AAP) के सांसदों ने इस्तीफा दिया है, पार्टी बैकफुट पर नजर आ रही है। इस बार मामला ‘शीश महल’ के नए विवाद से जुड़ा है, जिसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। हाल ही में राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए एक नया मुद्दा उठा दिया है। राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली में अब 'शीश महल पार्ट टू' सामने आ चुका है और इसकी तस्वीरें भी सार्वजनिक हो रही हैं। उनके मुताबिक, पिछली बार भी इसी तरह के आरोपों ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया था और चुनावी नतीजों पर असर पड़ा था। उनका मानना है कि अगर जनता फिर से इस मुद्दे पर सवाल पूछेगी, तो पार्टी कार्यकर्ताओं के पास जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को अब आत्ममंथन करने की जरूरत है, क्योंकि लगातार ऐसे मामलों से उसकी साख पर सवाल उठ रहे हैं।
राघव ने भारतीय जनता पार्टी के द्वारा उठाये गए मुद्दे को लेकर पार्टी को घेरा है। बीजेपी ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया है। पार्टी का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल के नए आवास लोधी एस्टेट स्थित बंगले में जरूरत से ज्यादा सुविधाएं जोड़ी गई हैं। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि यह बंगला किसी आलीशान महल से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता ने जब पहले शीशमहल को लेकर नाराजगी दिखाई, तब भी सबक नहीं लिया गया और अब दूसरा शीशमहल तैयार किया गया है।
यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह का आरोप लगा हो। इससे पहले सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड का सरकारी बंगला भी विवादों में रहा था। विपक्ष ने तब भी उसकी साज-सज्जा और खर्च को लेकर सवाल उठाए थे और उसे 'शीशमहल' कहा था। अब उसी तरह का नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसे बीजेपी 'शीशमहल-2' बता रही है।
राघव चड्ढा ने सिर्फ बंगले के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि पार्टी के अंदरूनी हालात पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पार्टी अब ऐसे रास्ते पर जा रही है, जहां ईमानदार और मेहनती कार्यकर्ताओं के लिए जगह कम होती जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई नेताओं ने पार्टी इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें पार्टी की दिशा से असहमति थी, न कि किसी डर की वजह से।