
चुनाव आयोग (IANS)
Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पांच पुलिस अधिकारियों को फौरन सस्पेंड कर दिया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने ड्यूटी में लापरवाही बरती और चुनावी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया।
जिन अधिकारियों पर गाज गिरी है उनमें आईपीएस अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गराई का नाम सबसे ऊपर है। इनके अलावा सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी साजल मंडल, डायमंड हार्बर थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मौसाम चक्रवर्ती, फलता थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज अजय बाग और उस्ती थाने की अधिकारी साधना बाग को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
आयोग ने डायमंड हार्बर पुलिस जिले की पुलिस अधीक्षक ईशानी पाल को भी कड़ी चेतावनी दी है। आयोग का कहना है कि अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर नजर रखना उनकी जिम्मेदारी थी जो उन्होंने ठीक से नहीं निभाई। यह संदेश साफ है, ऊपर से नीचे तक सब जवाबदेह हैं।
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर्स) की नियुक्ति की घोषणा की है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, ये सभी 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक दूसरे राज्यों से बुलाए गए हैं। इनकी नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य दूसरे चरण में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या तनाव की स्थिति न बने।
सूत्र ने बताया कि पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कुछ छिटपुट हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आई थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग अब दूसरे चरण में ऐसी किसी भी घटना की संभावना को पूरी तरह खत्म करना चाहता है।
इन 11 नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद राज्य में कुल पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है। पहले इस चुनाव के लिए 84 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक थे। अब दूसरे चरण के लिए यह संख्या और बढ़ा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है और वहां अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सभी नए पुलिस पर्यवेक्षकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस को सौंपी गई है।
Updated on:
25 Apr 2026 03:50 pm
Published on:
25 Apr 2026 03:50 pm
