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‘अपने कफन की तैयारी कर लो’, सांसद सहित कई लोगों को मिली धमकी, ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ का विरोध करने पर आया मैसेज

पंजाब में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर बनी वेब सीरीज पर केंद्र सरकार के बैन के बाद विवाद बढ़ गया है। कई नेताओं को जान से मारने की धमकियां मिली हैं, जिससे सुरक्षा और गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 25, 2026

Lawrence Bishnoi Web Series

Lawrence Bishnoi(AI Image)

Lawrence Bishnoi Web Series: पंजाब में गैंगस्टर को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। हाल ही में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर बनी डॉक्यू-सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को लेकर केंद्र सरकार के फैसले के बाद नई विवाद की लकीर खिंच गई है। सरकार ने इस सीरीज की रिलीज पर रोक लगा दी, लेकिन इसके अगले ही दिन एक और गंभीर मामला सामने आ गया, वो है धमकियों का।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब के कई बड़े राजनीतिक और सामाजिक चेहरों को विदेशी व्हाट्सऐप नंबरों से जान से मारने की धमकी मिली है। इन मैसेजों की भाषा काफी डराने वाली है, सीधे तौर पर कहा गया है कि 'अपने कफन की तैयारी कर लो।' जिन्होंने इसे रिलीज करने का विरोध किया है, उन्हें धमकी मिली है। जिन लोगों को ये मैसेज मिले हैं, उनमें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, सिद्धू मुसेवाला के पिता बलकौर सिंह और बिक्रम सिंह मजीठिया जैसे नाम शामिल हैं।

पुलिस को दी गई जानकारी


गुरदासपुर से सांसद रंधावा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को इसकी जानकारी दी है। उन्होंने खुलकर आरोप लगाया कि गैंगस्टरों को कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं होता, तो जेल में बंद होने के बावजूद अपराधी बाहर से अपनी गतिविधियां कैसे चला रहे हैं? रंधावा ने खास तौर पर दो नाम लिए. लॉरेंस बिश्नोई, जो गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, और जग्गू भगवानपुरिया, जो असम की डिब्रूगढ़ जेल में कैद है। आरोप है कि दोनों ही जेल से मोबाइल फोन के जरिए अपना नेटवर्क चला रहे हैं। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वडिंग ने साफ कहा कि उनकी पार्टी गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई को अंत तक ले जाएगी। उन्होंने 'गैंगस्टर-मुक्त पंजाब' को अपनी प्राथमिकता बताया।

क्या है पूरा मामला?


इस पूरे विवाद की जड़ बनी है वही डॉक्यू-सीरीज, जिसकी रिलीज पर केंद्र सरकार ने रोक लगाई। यह सीरीज 27 अप्रैल को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर आने वाली थी। लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इसे प्रसारित न करने के निर्देश दे दिए। इसके बाद अदालत में चल रही याचिका भी खत्म हो गई। सरकार की तरफ से अदालत में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कहा कि इस तरह की सामग्री समाज पर गलत असर डाल सकती है। वहीं पंजाब सरकार ने भी अपना पक्ष रखते हुए साफ कहा कि अपराध को महिमामंडित करने वाले कंटेंट से युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सरकार का दावा है कि वह अब तक ऐसे 2600 से ज्यादा ऑनलाइन लिंक बंद कर चुकी है।

दरअसल, इस सीरीज के खिलाफ सबसे पहले आवाज खुद राजा वडिंग ने उठाई थी। उनका मानना है कि पंजाब पहले ही नशे और हथियारों की संस्कृति से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह की कहानियां हालात और बिगाड़ सकती हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस विवाद में लॉरेंस बिश्नोई का परिवार भी पीछे नहीं रहा। उनके चाचा रमेश ने सवाल उठाया कि सीरीज बनाने से पहले न तो परिवार की अनुमति ली गई और न ही सही प्रक्रिया अपनाई गई। उनका कहना है कि इसमें दिखाया गया चित्रण एकतरफा और भ्रामक है।