
हिमंत बिस्व सरमा (Photo-IANS)
Himanta Biswa Sarma Bengal Visit: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि भाजपा सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) को व्यापक रूप से लागू करेगी और बांग्लादेशी हिंदुओं को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान सरमा ने कहा कि प्रवासी बंगाली आए हैं, यह अच्छी बात है। लेकिन बांग्लादेशी मुसलमान डर के मारे वोट दे रहे हैं। भाजपा सरकार के तहत एक भी बांग्लादेशी हिंदू डरा हुआ नहीं है। डरने की कोई वजह नहीं है। अगर हिंदू भारत में सुरक्षित नहीं हैं, तो वे कहां सुरक्षित होंगे?
असम सीएम ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अंडा और मछली वाले बयान का जवाब देते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, 'आइए मेरे साथ खाएं। मैं उनसे एक किलो ज्यादा खा लूंगा।' उन्होंने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को भी चेतावनी दी, 'अभिषेक को अमित शाह को चुनौती देने की जरूरत नहीं है। 4 मई को नतीजे आएंगे और अभिषेक दुबई भाग जाएंगे सरमा ने भाजपा की जीत पर भरोसा जताया।
सरमा ने शनिवार को बेहाला पुरबा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शंकर सिकदर के समर्थन में रोडशो किया। इस सीट पर पिछले तीन चुनावों से TMC का कब्जा है। 2021 के चुनाव में TMC की रत्ना चटर्जी ने भाजपा की पायल सरकार को 37,428 वोटों (17.1 प्रतिशत) से हराया था। सरमा ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, जिसमें उन्होंने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि असम के किसी भी डिटेंशन कैंप में एक भी बंगाली हिंदू नहीं है।
सरमा ने जोर देकर कहा, TMC के सदस्य कभी-कभी कहते हैं कि असम के डिटेंशन कैंपों में कई बंगाली हिंदू बंद हैं। असम के मुख्यमंत्री के रूप में मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि असम के किसी भी डिटेंशन कैंप में एक भी बंगाली हिंदू नहीं है। अगर एक भी बंगाली हिंदू वहां है, तो मैं आज इस्तीफा दे दूंगा।
सरमा ने अवैध घुसपैठ पर जोर देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने असम को Illegal Immigrant Expulsion Act, 1948 के तहत महत्वपूर्ण शक्ति दी है, जिसके तहत डिप्टी कमिश्नर किसी को घुसपैठिया मानकर 48 घंटे में भारत से बाहर निकाल सकता है। उन्होंने कहा कि इस कानून को पांच राज्यों में बढ़ाया जाना चाहिए। हिंदुओं की सुरक्षा के लिए CAA का हवाला देते हुए उन्होंने चेतावनी दी, बांग्लादेशी घुसपैठ यहां से आएगी। यह पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी बदल देगी, पूरे देश की बदल देगी। हर भारतीय का पश्चिम बंगाल चुनाव में स्टेक है क्योंकि इसका असर बंगाल और असम के बाद पूरे देश पर पड़ेगा। जब संख्या 50 प्रतिशत से ऊपर चली जाएगी, तो शरिया कानून की मांग भी शुरू हो जाएगी।
Published on:
25 Apr 2026 05:37 pm
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