
Raghopur Boat Accident: वैशाली के राघोपुर में नाव पलटने से 13 मासूम बच्चों की मौत की त्रासदी (Raghopur Naav Hadsa) अभी थमी भी नहीं थी कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रिंग बांध न बनने का मुद्दा उठाया तो बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने पलटवार करते हुए कहा कि खुद 10-12 साल विधायक और उपमुख्यमंत्री रहकर भी उन्होंने अपने क्षेत्र की सुध नहीं ली। सरावगी ने साफ कहा कि इस दर्दनाक (Raghopur boat accident) घटना का राजनीतिकरण ठीक नहीं। दोषी किसी भी हाल में नहीं बख्शे जाएंगे।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने राघोपुर नाव हादसे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान का जवाब देते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। भाजपा शोकसंतप्त परिवारों के साथ है। सरकार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस त्रासदी का राजनीतिकरण किसी भी सूरत में उचित नहीं।
सरावगी ने जोर दिया कि हादसे में जो भी दोषी होंगे, उन्हें किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने तेजस्वी यादव की रिंग बांध बनाने की बात का समर्थन करते हुए कहा कि यह जरूर बनना चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि 10-12 साल तक वे खुद उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि रहे और उपमुख्यमंत्री भी बने। अपने क्षेत्र की चिंता तो कम से कम करनी चाहिए थी। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद भी न तो बिहार की चिंता दिखी, न अपने क्षेत्र की।
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, सरावगी का यह बयान तेजस्वी यादव के उस वक्तव्य के जवाब में आया जिसमें उन्होंने रिंग बांध न बनने का मुद्दा उठाया था।
आपको बता दें कि मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास गंगा नदी में एक निजी नाव पलट गई। भोज खाने जा रहे करीब 20 बच्चे सवार थे। नौ लड़कियां और चार लड़के डूब गए। छह लोग सुरक्षित बचाए गए, जो पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। नाव में बड़ा छेद होने और रात में चलाने की खबरें सामने आईं। प्रशासन ने पहले ही सूर्यास्त के बाद नाव संचालन पर रोक लगा रखी थी।
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने सीओ और एसएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके वेतन रोक दिए हैं। जांच समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो-दो लाख रुपये सहायता की घोषणा की है।
तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बचाव दल देर से पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाव जर्जर थी और शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।