तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Assembly Elections) के पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। तमिलनाडु के चुनावी माहौल में सियासी गलियारे की सरगर्मियां तेज हैं। ऐसे माहौल में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
Tamil Nadu Assembly Elections 2026: तमिलनाडु चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कोयंबटूर रैली में महिला आरक्षण (Women's Reservation) को बड़ा मुद्दा बनाया। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि वे अपना दुख-दर्द अपनों के बीच साझा करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और DMK ने संसद में संविधान संशोधन का विरोध करके महिलाओं को अवसर से वंचित किया है।
चुनावी रैली में पीएम मोदी ने कहा कि अगर संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Womens Empowerment and Adoration Act) पारित हो जाता तो तमिलनाडु की कई महिलाएं विधायक और सांसद बनतीं। काले कपड़े पहनकर विरोध करने वाली DMK ने महिलाओं का हक नहीं मिलने दिया।
PM ने दावा किया कि तमिलनाडु में बदलाव की लहर है। इस बार तमिलनाडु में NDA अंदर और DMK बाहर का संदेश साफ दिख रहा है। PM मोदी ने DMK को परिवार द्वारा संचालित पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि तमिलनाडु में विकास के बजाय बेटा और दामाद की लूट मची है। PM ने DMK सरकार पर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को नजरअंदाज करने और युवाओं को ड्रग माफिया के हवाले करने का गंभीर आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पोंनेरी और रानीपेट में चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार, तमिलनाडु को कंट्रोल करना चाहती है, लेकिन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन झुकने वाले नहीं हैं। वह तमिलनाडु की आवाज हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ऐसा मुख्यमंत्री चाहती है जो दिल्ली के आदेश माने, जबकि स्टालिन केवल जनता के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने 'एक राष्ट्र, एक भाषा, एक नेता' के नारे को तमिल पहचान पर हमला बताते हुए कहा कि दक्षिण भारत इसे स्वीकार नहीं करेगा। राहुल ने भरोसा जताया कि DMK-कांग्रेस गठबंधन राज्य में BJP-AIADMK को हराएगा। राहुल गांधी ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि संस्कृति और स्वाभिमान की लड़ाई है। जिसमें जनता निर्णायक भूमिका निभाएगी।