नई नीति में 'Alcohol-in-Beverage' को आधिकारिक रूप से परिभाषित किया गया है। इसका मतलब है प्रति लीटर शराब में मौजूद Alcohol की मात्रा के आधार पर टैक्स तय होगा। यह सिस्टम Whiskey, Rum, Beer और Wine जैसे सभी प्रोडक्ट्स पर लागू होगा। इससे टैक्सेशन में एकरूपता आएगी और अलग अलग कैटेगरी के बीच तुलना आसान होगी। सरकार का कहना है कि यह नया तरीका ज्यादा सटीक और साफ है, जिससे सरकार की कमाई में भी इजाफा होगा।