
Rahul Gandhi: दिल्ली में महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं, वही उनके लिए खतरा बन रहे हैं। राहुल गांधी ने साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक करने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर कहा कि दिल्ली में इस समय जो हो रहा है, उसमें एक पैटर्न दिखाई देता है- जो महिला सवाल पूछती है, उसे चुप कराने की कोशिश की जाती है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लोगों की हिरासत और महिला पत्रकारों की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया।
3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने इन शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा है। राहुल गांधी ने इसी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए और उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं होने का भी आरोप है।
राहुल गांधी ने कुछ सप्ताह पहले साकेत थाने में हुई कथित मारपीट और बदसलूकी के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने शाहीन और नफीसा के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि थाने के अंदर हुई घटना की पूरी CCTV रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की जानी चाहिए। सितंबर में शाहीन खान और नफीसा खान नाम की दो महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया था कि उन्हें साकेत में एक कार्यक्रम को कवर करने के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया और थाने में उनके साथ मारपीट की गई। दिल्ली पुलिस ने उस समय इन आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि दोनों को रास्ता बाधित करने और पुलिसकर्मियों से कथित विवाद के बाद पूछताछ के लिए ले जाया गया था।
राहुल गांधी ने कहा कि शाहीन, नफीसा और जिन अन्य लोगों के साथ दिल्ली पुलिस पर हिंसा या बदसलूकी के आरोप हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी सवाल किया कि पुलिस की कार्रवाई को लेकर महिलाओं में डर क्यों पैदा हो रहा है।