
NEET UG Paper Leak Case: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) का इस्तीफा लेने की मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले ने देश के लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा तोड़ दिया है।
राहुल गांधी का कहना है कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और उससे जुड़े विवादों ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद केंद्र सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है। उनके अनुसार, छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय अपने मंत्रियों का बचाव कर रही है।
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि इस विवाद के चलते कई छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों की कथित आत्महत्याओं जैसी गंभीर घटनाओं के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का समर्थन जारी रखा है। राहुल गांधी के मुताबिक, यदि सरकार वास्तव में छात्रों के हित में काम कर रही होती, तो इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित मंत्री से इस्तीफा लिया जाता।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने मंत्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं दिखाई देते। उनका आरोप है कि इसी कारण मंत्रियों में जवाबदेही की भावना कमजोर होती जा रही है और वे बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करते रहते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार को पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
केंद्र सरकार ने राहुल गांधी के सभी आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
NEET पेपर लीक का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्ष इस मामले में सरकार को घेर रहा है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आने वाले समय में इस मामले की जांच और राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी रहेगी, क्योंकि यह मुद्दा लाखों छात्रों और उनके भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।