
Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर बड़ा बयान दिया। सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर कभी RSS की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने की कोशिश हुई तो वह उसकी रक्षा करेंगे, क्योंकि संघ को भी अपनी बात रखने का अधिकार है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में हर व्यक्ति और संगठन को अपनी बात रखने की आजादी होनी चाहिए और किसी की अभिव्यक्ति को दबाया नहीं जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य किसी को बोलने से रोकना नहीं है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति और संगठन को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि जिस दिन RSS की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने की कोशिश शुरू हुई तो उस दिन मैं उनकी रक्षा करूंगा, क्योंकि उनकी भी अभिव्यक्ति की आजादी है।
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी बात रखना चाहते थे और तकलीफ में थे, लेकिन सरकार उन्हें अपनी बात रखने से रोक रही थी। उनके मुताबिक, व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर लोगों को अपनी बात रखने से नहीं रोका जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने RSS के स्वरूप में बदलाव का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि कभी छोटे कारोबारी RSS की असली ताकत हुआ करते थे, लेकिन नोटबंदी और गलत तरीके से लागू GST ने इस वर्ग को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS में कॉरपोरेट प्रभाव की शुरुआत प्रमोद महाजन के दौर में हुई और नरेंद्र मोदी के दौर में यह प्रक्रिया पूरी हो गई। राहुल गांधी ने कहा कि 'पुराना RSS खत्म हो चुका है' और अब संगठन बड़े पूंजीपतियों के हितों के लिए काम करने का जरिया बन गया है। उन्होंने RSS और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उद्योगपतियों और कॉरपोरेट हितों के लिए काम करने का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग इस ताकत के खिलाफ आवाज उठाने से डरते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारत को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि आज देश में लोग अपनी बात किस तरह रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में बहुत से लोग 'कायरों की तरह व्यवहार' कर रहे हैं और देश की मौजूदा स्थिति को समझने की जरूरत है।