
CBSE: सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर देशभर में उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर सवाल उठाए हैं और इसे जिम्मेदारी से बचने की कोशिश बताया है। राहुल गांधी लगातार सरकार को नीट पेपर लीक और CBSE मुद्दे पर घेर रही है।
मंगलवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सीबीएसई के शीर्ष अधिकारियों का ट्रांसफर कर देना असली समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय होनी चाहिए थी, लेकिन उन्हें बचा लिया गया। राहुल गांधी ने लिखा कि अधिकारियों को हटाकर सरकार सिर्फ मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा यह जवाबदेही नहीं कवर-अप है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार वास्तव में छात्रों और अभिभावकों की चिंता करती, तो शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई होती। राहुल गांधी ने स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की मांग की है।
दरअसल, हाल के दिनों में सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। छात्रों और अभिभावकों का आरोप था कि कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ियां हुईं, जिससे रिजल्ट प्रभावित हुए। इस मुद्दे ने इतना तूल पकड़ा कि सरकार को जांच के आदेश देने पड़े। सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति भी बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान करेंगी। समिति OSM सिस्टम और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का ट्रांसफर करके सरकार ने छात्रों और उनके माता-पिता के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदी जी ने चुनौती दी है कि शिक्षा मंत्री नहीं बदला जाएगा, जो करना है कर लो।