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अगले एक साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदाई तय है, राहुल गांधी का बड़ा दावा

Congress Minority Meeting: राहुल गांधी ने कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में दावा किया कि अगले एक साल में भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव होगा और पीएम नरेंद्र मोदी की विदाई तय है।
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May 24, 2026
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी (ANI)

Rahul Gandhi on PM Narendra Modi: नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अगले एक साल के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की विदाई तय है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि देश और दुनिया के बदलते आर्थिक हालात का असर भारतीय राजनीति पर साफ दिखाई देगा।

आर्थिक असंतोष बनेगा बड़ा मुद्दा

बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं और देश के अंदर भी लोगों में आर्थिक असंतोष तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच बढ़ती नाराजगी आने वाले समय में राजनीतिक बदलाव का कारण बन सकती है। राहुल गांधी के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियां इस ओर संकेत कर रही हैं कि देश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

मुस्लिम शब्द बोलने से डरने की जरूरत नहीं

बैठक में कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि पार्टी को ‘मुस्लिम’ शब्द की जगह ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने अपनी असहमति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय हो रहा हो तो उसके समर्थन में खुलकर खड़ा होना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस सभी समुदायों के अधिकारों की आवाज उठाती रहेगी, चाहे वह हिंदू, दलित, सवर्ण, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध या जैन समुदाय हो।

कांग्रेस मुस्लिम समाज को लेकर बदलेगी नैरेटिव

बैठक में कांग्रेस नेता इमरान मसूद (Imran Masood) ने कहा कि पार्टी को मुस्लिम समाज से जुड़े नैरेटिव को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह धारणा खत्म होनी चाहिए कि मुस्लिम समाज केवल बीजेपी को हराने के लिए वोट करता है। इमरान मसूद ने सुझाव दिया कि कांग्रेस को मुस्लिम समाज के बीच यह संदेश पहुंचाना चाहिए कि पार्टी ने उनके हितों के लिए लगातार काम किया है और इसी आधार पर समर्थन मांगा जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे बीजेपी की बहुसंख्यक ध्रुवीकरण की राजनीति को चुनौती दी जा सकती है।

कांग्रेस नेताओं को ज्यादा मुखर होने की सलाह

सूत्रों के अनुसार बैठक में कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से शिकायत की कि वह अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं, लेकिन पार्टी के कई बड़े नेता इन मुद्दों पर खुलकर बयान देने से बचते हैं। नेताओं ने सुझाव दिया कि कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी राहुल गांधी की तरह अल्पसंख्यक समुदायों के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए।

दो घंटे चली बैठक

करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक चली इस बैठक का आयोजन कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी (Imran Pratapgarhi) ने किया था। बैठक में मुस्लिम समुदाय के अलावा सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन समुदाय के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था। सिख समुदाय की ओर से गुरदीप सप्पल (Gurdeep Sappal), ईसाई समुदाय से हिबी ईडन (Hibi Eden), बौद्ध समुदाय से राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) और जैन समुदाय की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) बैठक में मौजूद रहे।