
Rahul Gandhi Statement: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा पलटवार करते हुए सोशल मीडिया और बयानों के जरिए आरोप लगाया है कि आरएसएस पुरुषों का एक ऐसा समूह है जो संविधान के खिलाफ है और महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है। उन्होनें कहा कि, मैं मैं शिव-शक्ति में विश्वास रखता हूं। इसीलिए उनसे लड़कर मुझे बहुत खुशी मिलती है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब नागपुर के रेशिमबाग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित विजयादशमी उत्सव पर सरंसघचालक मोहन भागवत ने उद्बोधन दिया। उन्होंने संघ, संविधान, हिंदू, भारत तथा अन्य विषयों पर बात की और तुष्टिकरण पर भी विचार रखे। संघ को लेकर राहुल गांधी के बयान पर अब सियासी भूचाल आने के आसार हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर नागपुर में आयोजित विजयादशमी उत्सव का संदेश अब राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के उद्बोधन की सराहना करते हुए राष्ट्रीय प्रगति, सामाजिक एकजुटता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण से जुड़े विचारों को महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी के संदेश में सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को विशेष स्थान मिला। साथ ही, उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’ की अवधारणा को समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के मौके पर सभी स्वयंसेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उन महान विभूतियों को भी नमन किया जिन्होंने सालों तक अथक मेहनत और सेवाभाव से संघ को मजबूत बनाया। मोदी ने लिखा कि आरएसएस ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सद्भाव का गौरवशाली शताब्दी वर्ष पूरा कर लिया है। अनगिनत स्वयंसेवकों ने कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र-प्रथम की भावना से समाज के उत्थान के लिए काम किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यही भावना आने वाले दिनों में देश को और सशक्त व सुदृढ़ बनाएगी। आज सरसंघचालक मोहन भागवत के नेतृत्व में संघ हजारों शाखाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत और सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में लगातार काम कर रहा है।