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‘सोनिया गांधी की किताब विवाद में कोई दिलचस्पी नहीं’, राहुल गांधी बोले- मेरा पूरा ध्यान खरगे जी के साथ हुए अपराध पर है

सोनिया गांधी की किताब के विवाद पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। बोले- मेरा पूरा ध्यान मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुए 'अपराध' पर है।
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Aug 29, 2026
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राहुल गांधी (फोटो-IANS)

Rahul Gandhi on Sonia Gandhi Book: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को अपनी मां और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर चल रहे विवाद से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस विवाद में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनका पूरा ध्यान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुए अपराध पर है। राहुल गांधी से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोनिया गांधी की किताब को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दे से ध्यान भटकाने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि वह अभी सिर्फ खरगे जी के साथ हुए मामले पर ध्यान देना चाहते हैं और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

यह ध्यान भटकाने की रणनीति है

राहुल गांधी से यह सवाल उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम को लेकर पूछा गया था। इसी दौरान उन्होंने सोनिया गांधी की किताब से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने कहा,मैं इसे ध्यान भटकाने की रणनीति कहता हूं। मुझे अभी इसमें बिल्कुल कोई दिलचस्पी नहीं है। मेरा ध्यान खरगे जी के साथ हुए अपराध पर है। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता खरगे के लिए न्याय की मांग भी की।

सोनिया गांधी की किताब को लेकर क्या है विवाद?

सोनिया गांधी की किताब का नाम 'Belonging: A Journey Of Love' है। इसे लेकर हाल में रिपोर्ट सामने आई थी कि प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब प्रकाशित करने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सोनिया गांधी ने किताब में सुझाए गए कुछ संपादकीय बदलावों को स्वीकार नहीं किया था। हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने शुक्रवार को इस दावे को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत में वह इस किताब का प्रकाशक नहीं है।

प्रकाशक ने यह भी कहा कि यह कहना सही नहीं है कि संपादकीय बदलावों को लेकर लेखक की असहमति के कारण उसने किताब प्रकाशित करने से इनकार किया।

प्रकाशक ने क्या कहा?

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि वह किताब प्रकाशित करने में अब भी रुचि रखता है। कंपनी के मुताबिक, किसी किताब को प्रकाशित करने की प्रक्रिया में तथ्यों की जांच करना और लेखक को संपादकीय सुझाव देना प्रकाशक की जिम्मेदारी का हिस्सा है।

कंपनी ने कहा कि संबंधित बातचीत के दौरान उसकी स्थिति यही थी कि वह किताब प्रकाशित करने के लिए तैयार और इच्छुक थी। हालांकि, उसने लेखक के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

10 नवंबर को प्रकाशित होगी किताब

राहुल गांधी ने इससे पहले 20 अगस्त को सोनिया गांधी की किताब को लेकर खुशी जाहिर की थी। यह दिन उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती भी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि उन्हें खुशी और गर्व है कि सोनिया गांधी की कहानी आखिरकार उन लाखों लोगों तक पहुंचेगी, जो उनसे प्यार करते हैं। उन्होंने यह भी लिखा था कि एक निजी स्वभाव वाले व्यक्ति के लिए अपनी कहानी दुनिया के सामने रखना आसान नहीं रहा होगा।