Rahul Gandhi on NEET Paper Leak: राहुल गांधी ने NEET-UG पेपर लीक, CBSE OSM सिस्टम और तीन-भाषा नीति को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय को ‘डिपार्टमेंट ऑफ डिजास्टर्स’ बताया है।
Rahul Gandhi Targets Centre Over NEET Paper Leak: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने NEET-UG 2026 पेपर लीक, CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और नई तीन-भाषा नीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्रालय को 'डिपार्टमेंट ऑफ डिजास्टर्स' बताते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश के हर आयु वर्ग के छात्रों को एक साथ असफल कर दिया है।
राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पहले NEET पेपर लीक से 22 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। फिर CBSE कक्षा 12 के छात्रों को OSM सिस्टम की वजह से उम्मीद से कम अंक मिले, जिससे कई छात्र कॉलेज में दाखिले की पात्रता तक खो बैठे।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब CBSE ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों पर तीन-भाषा नीति थोप दी है, जबकि न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही किताबें उपलब्ध हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कई जगह 14 साल के बच्चों को कक्षा 6 की किताबें ट्रांजिशनल समाधान के तौर पर दी जा रही हैं। उन्होंने लिखा, 'तीन परीक्षाएं, तीन आयु वर्ग और एक ही मंत्री।'
राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान एक बार नहीं, बल्कि हर स्तर पर छात्रों को असफल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की हर नई घोषणा छात्रों को और ज्यादा अनिश्चितता और तनाव में धकेल रही है।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वह उन लाखों छात्रों से माफी मांगेंगे, जिनका भविष्य सरकार और शिक्षा मंत्री ने बर्बाद कर दिया। न्होंने अपनी पोस्ट के अंत में '#SackPradhan' हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।
आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी NEET-UG विवाद पर छात्रों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्र तनाव और अवसाद में हैं।
केजरीवाल ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि पिछले कुछ दिनों में चार छात्रों की आत्महत्या की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अकेले महसूस न करें और मिलकर समाधान तलाशें।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि NEET-UG की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर आधारित (Computer-Based Test) प्रारूप में कराई जाएगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है और इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। एजेंसी अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें प्रो. पीवी कुलकर्णी, मनीषा गुरुनाथ मंधारे और मनीषा वाघमारे जैसे नाम शामिल हैं, जिनका संबंध परीक्षा प्रक्रिया से बताया जा रहा है।जांच एजेंसियां पेपर लीक नेटवर्क, धन के लेन-देन और NTA की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल कर रही हैं।
इस बीच CBSE का ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम भी विवादों में है। CBSE ने दावा किया है कि यह व्यवस्था मूल्यांकन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए लागू की गई थी। हालांकि इस साल कक्षा 12 का कुल पास प्रतिशत घटकर 85.2% पर आ गया, जो पिछले सात वर्षों में सबसे कम है।
वहीं, तीन-भाषा नीति को लेकर भी विपक्ष लगातार सरकार पर हमला कर रहा है। नई नीति के तहत कक्षा 9 से छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा, जिनमें दो भारतीय भाषाएं शामिल रहेंगी।