
गांधीनगर और मुम्बई के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अब तक चार बार मवेशियों से टकरा चुकी है। 1 दिसम्बर को गुजरात के उदवाड़ा और वापी स्टेशनों के बीच एक गाय से टकराकर वंदे भारत एक्सप्रेस क्षतिग्रस्त हो गई थी। लगातार वंदे भारत एक्सप्रेस से हो रहे हादसों से रेलवे विभाग चिंतित है। पर अब उसने एक योजना बनाई है। पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि, रेलवे अगले साल मई तक मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर बाड़ लगाएगा ताकि जानवरों को पटरियों पर भटकने से रोका जा सके और ट्रेन से कुचलने से उन्हें बचाया जा सके। इस योजना में 264 करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है।
बाड़ लगाने की लागत करीब 264 करोड़ रुपए
पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेस में बताया कि, 620 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बाड़ के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। जिस पर 264 करोड़ रुपए खर्च होने की उम्मीद है।
जानवर नहीं लांघ सकेंगे बाड़
बताया जा रहा है कि, यह बाड़ स्टेनलेस स्टील की होगी। यह बाड़ जमीन से 1.5 मीटर की ऊंचाई पर डब्ल्यू-बीम की संरचना की बनाई जाएगी। इसे जानवर तो लांघ नहीं सकेंगे पर आम जनता से आराम से इसे पार कर सकेंगे।
अब जानवर रेक के निचले हिस्से में नहीं उलझेंगे
अशोक कुमार मिश्रा ने कहाकि, यह डिजाइन ये सुनिश्चित करता है कि इस तरह के क्रैश के बाद जानवर रेक के निचले हिस्से में नहीं उलझेंगे।
वंदे भारत यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय - सुमित ठाकुर
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने कहा कि वंदे भारत सेवा यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है। औसतन 130 प्रतिशत यात्रियों के साथ चल रही है।