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‘भारत को महंगा पड़ेगा…’, ईरान को लेकर राज ठाकरे ने ये क्या कह दिया

Raj Thackeray Iran Statement: ईरान को लेकर MNS चीफ राज ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया है, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि… नीचे पढ़ें पूरी अपडेट।
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Updated: 19 Mar 2026, 11:26 PM IST
RAJ THAKRE
ईरान को लेकर MNS चीफ राज ठाकरे का बड़ा बयान (सोर्स: आईएएनएस)

MNS Chief Raj Thackeray Iran Statement: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का अच्छा साथी रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर। उनका मानना है कि ऐसे भरोसेमंद देश का साथ न देने से भारत को कूटनीतिक (डिप्लोमैटिक) और आर्थिक नुकसान हो सकता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में गुड़ी पड़वा के मौके पर दिए गए भाषण में ठाकरे ने यह भी कहा कि भारत का बड़ा हिस्सा तेल ईरान से आता है और कई बार इसका भुगतान रुपये में किया गया है। ऐसे में जब ईरान पर हमला हुआ, तब हमारे प्रधानमंत्री ने सपोर्ट में एक भी बयान जारी नहीं किया। खामनेई के गुजर जाने के बाद भी, शोक या विरोध का कोई ऑफिशियल मैसेज नहीं आया। भारत की तरफ से कोई मजबूत समर्थन नहीं दिखा। ईरान को केंद्र का सपोर्ट न करना भारत को महंगा पड़ेगा।

विदेश नीति की कड़ी आलोचना

MNS की 20वीं सालगिरह पर उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी भविष्य में महाराष्ट्र की खोई हुई पहचान वापस लाने के लिए सत्ता में आ सकती है। साथ ही, उन्होंने राज्य के बढ़ते कर्ज, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की भी आलोचना की।

राज्य सरकार पर हमला

ठाकरे ने महाराष्ट्र की फाइनेंशियल हालत को लेकर राज्य सरकार पर हमला किया। उन्होंने बताया कि 2014 में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के समय राज्य का कर्ज लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था और अब यह बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री 3 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और डेवलपमेंट की बात करते हैं, लेकिन राज्य कर्ज में डूब रहा है। उन्होंने कोस्टल रोड जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की आलोचना करते हुए दावा किया कि वे आम लोगों के लिए नहीं बल्कि बाहरी लोगों और अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को महाराष्ट्र में जमीन हड़पने में मदद करने के लिए डिजाइन किए गए थे।

ठाकरे ने महाराष्ट्र के शहरी सेंटर्स को ढह गया और बिना आकार का बताया, उन्होंने आगे कहा कि ऊंची इमारतों के लिए बिना सोचे-समझे परमिशन दी जा रही हैं, जबकि ट्रैफिक जाम जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से डिजिटल ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहने की भी अपील की।