
पाकिस्तानी-अफगानिस्तान युद्ध (सोर्स: आईएएनएस)
Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तानी मिलिट्री फोर्स ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में 70 से ज्यादा आर्टिलरी शेल दागे, लोकल मीडिया ने गुरुवार को अधिकारियों के हवाले से बताया। यह घटना ईद-उल-फितर के दिन हुई, जिस दौरान अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने दुश्मनी में कुछ समय के लिए रोक लगाने का ऐलान किया था।
अफगानिस्तान की एरियाना न्यूज ने बताया कि कुनार के डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड कल्चर के इन्फॉर्मेशन हेड जिया-उर-रहमान स्पिन घर ने कहा कि नारई जिले के बारिकोट, डोकलाम और त्सोंगलाई समेत कई इलाकों में 35 शेल दागे गए। इसके अलावा, मनोगई जिले के कुछ हिस्सों में 37 शेल दागे जाने की खबर है।
लोकल अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, ज़िया-उर-रहमान स्पिन घर ने कहा कि नारई में गोलाबारी जारी है, और कुछ राउंड कथित तौर पर अपने घरों को लौट रहे लोगों के पास गिरे।
अफगान अधिकारियों ने लोगों से अलर्ट रहने और सुरक्षित जगहों पर पनाह लेने की अपील की है, क्योंकि अधिकारी हालात पर नजर रख रहे हैं। यह घटना पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई बार हुई बातचीत के बीच हुई है, जिससे डूरंड लाइन के आस-पास के इलाकों में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
अफगान अधिकारियों ने बार-बार पाकिस्तान पर आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जबकि इस्लामाबाद ने दावा किया है कि उसके मिलिट्री ऑपरेशन अफगान जमीन पर काम कर रहे मिलिटेंट ग्रुप्स के खिलाफ थे।
बुधवार को, अफगानिस्तान ने कहा कि वह सऊदी अरब, कतर और तुर्की जैसे बीच-बचाव करने वाले देशों के अनुरोध पर ईद के लिए अपने 'राद अल-जुल्म' डिफेंसिव ऑपरेशन रोक देगा।
एक बयान में, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि यह रोक बीच-बचाव की कोशिशों के प्रति अच्छी भावना दिखाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अफगान सेना राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता या आम लोगों की जान को खतरा पहुँचाने वाले किसी भी हमले का बहादुरी से जवाब देगी।
मंगलवार को, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने काबुल पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की निंदा की और इसे मानवीय और इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया। एरियाना न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हमले में 408 से ज़्यादा लोग मारे गए और 260 से ज़्यादा घायल हुए, जिनमें से ज़्यादातर ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर के मरीज थे। उन्होंने पाकिस्तान पर जानबूझकर आम लोगों की सुविधाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
काबुल में अलग-अलग संगठनों के डिप्लोमैट और प्रतिनिधियों से बात करते हुए, मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक ने समाज के सबसे कमजोर ग्रुप को निशाना बनाया – वे लोग जो ड्रग की लत का इलाज करवा रहे थे।
उन्होंने कहा कि फरवरी से बार-बार हुए हमलों, जिसमें अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में आम लोगों के इलाकों पर हमले शामिल हैं, ने डिप्लोमैटिक समाधानों पर भरोसा कम किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो अफगान सेना उचित और सही बचाव के तरीके अपनाती रहेगी, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, बल्कि अपनी आज़ादी और इलाके की रक्षा करेगा। लेकिन उसे कोई छेड़ेगा या नुकसान पहुंचाएगा तो उसे बख्सा नहीं जाएगा। ऐसे में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री का बयान सामने आने के बाद युद्ध के आसार अब और ज्यादा बढ़ गए हैं।
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Updated on:
19 Mar 2026, 8:31 PM IST
Published on:
19 Mar 2026, 8:31 PM IST
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