प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के दौरे से एक दिन पहले राजस्थान की रिफाइनरी में भीषण आग (Rajasthan Refinery Fire) लगी थी। इस घटना की बारीकी से जांच करने के लिए दिल्ली से स्पेशल टीम राजस्थान पहुंची है।
Rajasthan Refinery Fire: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से एक दिन पहले राजस्थान के बालोतरा जिले की पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग की घटना की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। रिफाइनरी अग्निकांड की जांच करने के लिए दिल्ली से स्पेशल टीम राजस्थान पहुंची है। जांच टीम घटना से जुड़े CCTV फुटेज खंगाल रही है। रिफाइनरी अग्निकांड की घटना PM मोदी की सुरक्षा में चूक या साजिश तो नहीं? स्पेशल टीम इस एंगल से भी जांच करेगी।
रिफाइनरी अग्निकांड की जांच के लिए मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), केंद्रीय गृह मंत्रालय का दल, पेट्रोलियम मंत्रालय की तकनीकी टीम समेत कई एजेंसियों के अधिकारी और विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। घटना की जांच में यह पहलू भी देखा जा रहा है कि क्या यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक है या कोई गहरी साजिश। सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम संस्थानों की सुरक्षा से जुड़े विशेष जांच अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं।
हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि गहन पड़ताल का पूरा जिम्मा किस एजेंसी को सौंपा गया है। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर जांच करती हैं। ऐसे में आग की घटना ने कई आशंकाएं खड़ी कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने इस घटना को PM की सुरक्षा में चूक माना है। रिफाइनरी परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।
रिफाइनरी परिसर में प्रवेश करने वाले कार्मिकों की जांच और अधिक सख्त कर दी गई है। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जांच बहु-स्तरीय तरीके से की जा रही है। एक ओर सुरक्षा एजेंसियां साजिश की आशंका को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं, वहीं HPCL की आंतरिक जांच भी चल रही है।
रिफाइनरी अग्निकांड की जांच के लिए मंगलवार को BSP का एक चॉपर दिल्ली से रिफाइनरी क्षेत्र में पहुंचा। यह उसी हेलीपैड पर उतरा, जिसे PM के विशेष विमान के लिए तैयार किया गया था। इस चॉपर से आए दल में से 2 लोग रिफाइनरी के अंदर गए और बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों, फायर ब्रिगेड अधिकारियों और कर्मियों से सवाल-जवाब किए। जांच टीम ने घटना के समय के CCTV फुटेज भी खंगाले। करीब 2 घंटे बाद फॉरेंसिक लैब वैन भी पहुंची, जिसमें मौजूद टीम ने साक्ष्य जुटाए।
रिफाइनरी अग्निकांड की जांच में साजिश या लापरवाही के संकेत मिलते हैं तो राजस्थान की भजन लाल सरकार विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर सकती है। जांच एसेंसियां कई बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। फिलहाल, घटना की जांच जारी है। बता दें कि 20 अप्रैल 2026 को रिफाइनरी में आग लगी थी। इस घटना के बाद 21 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा होने वाला रिफाइनरी का उद्घाटन फिलहाल टाल दिया गया है।