
नई दिल्ली। मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हुए आतंकी हमले को लेकर देश भर में आक्रोश है। इस बीच सेना के काफिले पर हमले की जिम्मेदारी उग्रवाद्री संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और मणिपुर नागा पीपुल्स फ्रंट (PMNPF) ने ली है। गौरतलब है कि बीते 6 सालों में मणिपुर में सेना के काफिले पर ये दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले साल 2015 में सेना के एक काफिले पर हमला किया गया था, जिसमें 19 सैनिक शहीद हुए थे। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पूरी तरह सरकार पर हमलावर है तो वहीं आमजन भी सरकार से जवानों की शहादत का बदला लेने की अपील कर रहे हैं।
इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जवानों की बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा, मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर कायरतापूर्ण हमले से दुखी हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। पूरा देश हमारे बहादुर सुरक्षाबलों के साथ खड़ा है।
रक्षा मंत्री बोले दोषियों को नहीं बख्शेंगे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस हमले में शामिल दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा। इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इन गुनहगारों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
पीएम मोदी ने जताया दुख
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया है। पीएम ने कहा कि मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हुआ हमला निंदनीय है। इस हमले में शहीद हुए जवानों और उनके परिवार के सदस्यों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं। आपके बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी।
बता दें कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि देश का कोई हिस्सा आज आतंकियों से सुरक्षित नहीं है, इन हमलों से साबित हो गया है कि आप देश की रक्षा करने में असमर्थ हैं। इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने इस हमले में शहीद जवानों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने जिम्मेदारों को जल्द ही गिरफ्तार करने की मांग की है।
गौरतलब है कि मणिपुर में आतंकियों ने शनिवार सुबह हमला किया था। इस हमले में असम राइफल्स की खुगा बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनकी पत्नी और बेटे के साथ अर्धसैनिक बल के 4 जवान भी शहीद हो गए। म्यांमार से सटे मणिपुर के चूराचांदपुर जिले में 46 असम राईफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विपल्व त्रिपाठी के काफिले पर उस वक्त घात लगाकर हमला किया गया, जब ये परिवार के साथ बटालियन हेडक्वार्टर लौट रहे थे ।