
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा (Photo-IANS)
Tahir Hussain Life Imprisonmen: दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने साल 2020 में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलिस की मौत की सजा की मांग को खारिज करते हुए एडिशनल सेशंस जज (ASJ) प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन, नाजिर, आसिम, जावेद और अनस को ताउम्र जेल की सजा सुनाई है। अब इस पर दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इसे न्याय की शुरुआत बताया है।
कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अंकित शर्मा की जिस तरह से निर्मम हत्या की गई, वह रेयरेस्ट ऑफ रेयर (दुर्लभतम) मामलों में आती है।
उन्होंने कहा कि हत्या के बाद भी शव पर चाकुओं से वार किए गए और फिर उसे नाले में फेंक दिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्च अदालत में सुनवाई के दौरान उम्रकैद की सजा को फांसी में बदला जाएगा।
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कहा कि अपराध करने का तरीका अत्यंत क्रूर था।
जस्टिस प्रवीण सिंह ने अपने फैसले में कहा कि जिस तरह से अपराध किया गया, वह बर्बर और परेशान करने वाला था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि दोषियों के सुधरने की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है।
बता दें कि 26 वर्षीय अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो में सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात थे। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी।
अभियोजन के अनुसार, अंकित शर्मा दो पक्षों के बीच विवाद शांत कराने के लिए ताहिर हुसैन के घर के पास पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ ने उन्हें घेर लिया, अंदर खींचकर ले गई और उनकी हत्या कर दी।
मामले की जांच में सामने आया कि अंकित शर्मा के शरीर पर 51 चाकू के घाव मिले थे। आरोप है कि बेहोश होने के बाद भी उन पर लगातार हमला किया गया। अगले दिन उनका शव एक गंदे नाले से बरामद हुआ था। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने शव को बाहर निकाला था।
Updated on:
31 Jul 2026, 6:15 PM IST
Published on:
31 Jul 2026, 6:15 PM IST
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