
मुंबई। भाजपा विधायक राम कदम ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि किसी प्रांत का नाम बदलना केवल शब्दों का परिवर्तन नहीं होता। इसके पीछे उस क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का सम्मान जुड़ा होता है। राम कदम ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि ने पूरे देश के सांस्कृतिक परिवर्तन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में वहां की सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक पहचान और जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजनीति करने के बजाय ऐतिहासिक तथ्यों को याद करना बेहतर होगा।
राम कदम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के सांसदों के विरोध मार्च को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग कोई राजनीतिक दल नहीं है, जिसके खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप किए जाएं। उन्होंने विपक्ष के मार्च को संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई प्रमाण, सबूत या उदाहरण है तो उसे सामने रखना चाहिए। बिना प्रमाण के संविधान के तहत बनी संवैधानिक संस्था पर इस तरह दबाव बनाना उचित नहीं है।
एमपीएससी के अध्यक्ष को हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन पर राम कदम ने रोहित पवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने आंदोलन के मंच पर ही रोहित पवार से सवाल किया कि जब एमपीएससी अध्यक्ष को हटाना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है तो वे उस मांग को लेकर आंदोलन में क्यों शामिल हुए। राम कदम ने कहा कि छात्रों की कई मांगें थीं। मुख्यमंत्री के साथ पहली बैठक में 12 मांगों का जिक्र हुआ था, जबकि बाद में 15 मांगें सामने रखी गईं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की सभी मांगों को महाराष्ट्र सरकार ने स्वीकार किया और प्रशासन को उन पर अमल के निर्देश दिए। हालांकि, एमपीएससी अध्यक्ष को हटाने की मांग राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
राम कदम ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर कहा कि प्रदेश की 275 से अधिक तहसीलें सूखे से प्रभावित हैं और आंकड़ों के अनुसार करीब 75 प्रतिशत महाराष्ट्र सूखे की चपेट में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार सहित अन्य नेता किसानों के बीच जाकर हालात का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान देश और समाज का पेट भरता है। महाराष्ट्र की सूखे की स्थिति और प्रदेश की जरूरतों की जानकारी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान दी है।