
BJP New Team 2026: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में राम माधव की बीजेपी संगठन में वापसी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी संगठन में वापसी को बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माधव पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
राम माधव (Ram Madhav) भारतीय राजनीतिज्ञ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हैं। वह नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक इंडिया फाउंडेशन (India Foundation) के अध्यक्ष भी हैं। राम माधव वर्ष 2014 से 2020 तक बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता राम माधव ने वर्ष 2015 में जम्मू-कश्मीर में पीडीपी (PDP) के साथ गठबंधन सरकार (कोएलिशन गवर्नमेंट) के गठन में एक मुख्य रणनीतिकार और वार्ताकार के रूप में बेहद अहम भूमिका निभाई थी।
वर्ष 2014 में भाजपा आलाकमान के निर्देश पर राम माधव को मुख्य वार्ताकार के रूप में जम्मू-कश्मीर भेजा गया था। वैचारिक रूप से विपरीत रुख रखने वाले दलों (भाजपा और पीडीपी) के बीच राजनीतिक सहमति बनाने और मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में सरकार बनवाने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। यह प्रयोग सफल रहने के बाद राम माधव को पूर्वोत्तर के राज्यों में भी पार्टी के विस्तार और सरकार बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में राम माधव का भी नाम है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। राम माधव की छह साल बाद भाजपा संगठन में वापसी हुई है। आरएसएस के प्रचारक के तौर पर काम कर चुके राम माधव की यह भाजपा में दूसरी पारी है।
जानकारों के अनुसार, राम माधव की भाजपा में वापसी का उद्देश्य आरएसएस की पार्टी संगठन पर पकड़ और मजबूत करना है। राम माधव ने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में की। वे लंबे समय तक संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख रहे हैं। 2014 के आम चुनावों में भाजपा की जीत के बाद संघ ने उन्हें भाजपा संगठन में काम करने की जिम्मेदारी सौंपी। तब उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर में उन्होंने भाजपा का विस्तार करने और सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। असम, त्रिपुरा और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा की सरकारें बनवाने और पार्टी का आधार मजबूत करने में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।