
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना (Photo-IANS)
Sudhanshu Trivedi Congress Captain Smit Machchhar Statement: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के साहस पर गांधी परिवार की ओर से अब तक एक शब्द भी क्यों नहीं कहा गया।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं ने अतीत में जाकिर नाइक को शांति का मसीहा बताने, अफजल गुरु को परिस्थितियों का शिकार बताने, बुरहान वानी को भटका हुआ युवा कहने और याकूब मेमन की फांसी को 'न्यायिक हत्या' बताने जैसे बयान दिए थे। उन्होंने बाटला हाउस मुठभेड़ को लेकर भी कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया का जिक्र किया।
बीजेपी सांसद ने कहा कि जब कैप्टन स्मित मच्छार ने साहस दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई, तब गांधी परिवार की ओर से उनके लिए प्रशंसा का एक शब्द भी सुनाई नहीं दिया। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इस पर सीधे जवाब देने की मांग की।
त्रिवेदी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने पूरे देश और दुनिया को चौंका दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे बात की है, जबकि इजरायल और अमेरिका के राष्ट्रपतियों की ओर से भी उनकी बहादुरी की सराहना की गई है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के 'फर्स्ट फैमिली' की ओर से कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर न कोई पोस्ट आया, न कोई बयान और न ही कोई प्रेस वक्तव्य। उन्होंने सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि बाटला हाउस मुठभेड़ के आरोपियों को लेकर जिस तरह संवेदना व्यक्त की गई थी, वैसी संवेदना कैप्टन स्मित मच्छार के मामले में दिखाई नहीं देती।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गाजा के मुद्दे पर राहुल गांधी ने ट्वीट, कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्ताव और अखबारों में लेखों के जरिए अपनी चिंता जाहिर की थी, लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार के मामले में उनकी ओर से एक शब्द तक नहीं आया।
भाजपा सांसद ने कहा कि देश को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के इस रवैये को गंभीरता से देखना चाहिए। उनके मुताबिक, यह सिर्फ किसी एक व्यक्ति को लेकर सवाल नहीं है, बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच टकराव का विषय है।
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि एक विचारधारा आतंकवाद के प्रति नरम रुख अपनाते हुए देश की संवैधानिक संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है, जबकि दूसरी विचारधारा देश की रक्षा के लिए खुद चोट सहने और अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहती है।
उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी इस बात का उदाहरण है कि देश को बचाने के लिए जवान किस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना आगे बढ़ते हैं। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर उन्होंने एक बार फिर सीधे जवाब की मांग की।
Updated on:
04 Oct 2026 11:29 am
Published on:
04 Oct 2026 10:51 am
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