
Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर में दान राशि के गबन मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को अहम बैठक होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला हो सकता है। साथ ही मामले की जांच और SIT जांच से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट के सदस्य दोनों के इस्तीफे पर अंतिम फैसला करेंगे। चढ़ावे की गणना और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी दोनों के पास होने की वजह से चोरी का मामला सामने आने के बाद से ही वे सवालों के घेरे में हैं।
बैठक में केवल इस्तीफों पर ही नहीं, बल्कि चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा दान पात्रों से मिलने वाली राशि की गिनती की व्यवस्था, मंदिर प्रबंधन से जुड़े प्रस्ताव और वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट पर भी विचार किया जाएगा।
चढ़ावा चोरी का मामला 6 जून को सामने आया था। इसके बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया। 25 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बैठक से एक दिन पहले रविवार को राम कचहरी में संत समाज ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में अपनी बात रखी। संतों का कहना है कि SIT की जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना सही नहीं है। महंत शशिकांत दास ने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी को अपराधी घोषित करना गलत है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में केवल चंपत राय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि जांच अभी जारी है।
संत सीताराम दास ने कहा कि यदि किसी के पास सबूत हैं तो उन्हें SIT को दें। मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए किसी की छवि खराब करना उचित नहीं है। बैठक में मौजूद महंत चंद्राशु महाराज, महंत सत्येंद्र दास वेदांती और अन्य संतों ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जब तक SIT की रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक किसी भी व्यक्ति की सार्वजनिक छवि को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।