
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार। (फोटो-ANI)
Karnataka Cabinet Expansion: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती है। जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने संकेत दिए हैं कि अगस्त में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। फिलहाल मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पास करीब 20 विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। ऐसे में सरकार सभी खाली पद भरकर विभागों की जिम्मेदारी नए मंत्रियों को सौंपने की तैयारी में है।
मीडिया से बातचीत में रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार कभी भी हो सकता है और इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि अगस्त में विधानसभा का सत्र प्रस्तावित है। ऐसे में उससे पहले मंत्रिपरिषद का पूरा गठन होना जरूरी है, ताकि सभी विभागों का कामकाज बेहतर तरीके से चल सके।
रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि फिलहाल मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पास करीब 20 विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। सरकार चाहती है कि इन विभागों की जिम्मेदारी नए मंत्रियों को दी जाए। इससे प्रशासनिक कामकाज आसान होगा और विधानसभा सत्र के दौरान सरकार पर अतिरिक्त दबाव भी कम रहेगा।
इस समय कर्नाटक सरकार में मुख्यमंत्री समेत केवल 14 मंत्री हैं। नियमों के अनुसार राज्य में अधिकतम 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी मंत्रिमंडल में अभी 20 पद खाली हैं। इन्हीं पदों को भरने के लिए जल्द विस्तार होने की संभावना जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच कांग्रेस के कई विधायक मंत्री बनने की कोशिश में जुट गए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में कई विधायक अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इससे साफ है कि विस्तार से पहले पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।
सरकार के कई अहम विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री के पास हैं। ऐसे में सभी विभागों की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति के पास होने से कामकाज पर असर पड़ सकता है। नए मंत्रियों की नियुक्ति होने के बाद विभागों का संचालन आसान होगा और फैसले भी तेजी से लिए जा सकेंगे। इसके अलावा विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों और कामकाज को संभालने में भी सुविधा होगी।
Updated on:
05 Jul 2026 09:32 pm
Published on:
05 Jul 2026 09:29 pm
