
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद (Ram Mandir Donation Theft Controversy) के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक 6 जुलाई को मणि रामदास छावनी में दोपहर 3 बजे होगी। बैठक में महासचिव चंपत राय (Champat Rai) और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा (Anil Mishra) के इस्तीफों पर निर्णय हो सकता है। दोनों के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। इसके साथ ही एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, मंदिर प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा होगी। इस बीच अयोध्या के संत समाज ने चंपत का खुलकर समर्थन करते हुए ट्रस्ट से उनका इस्तीफा अस्वीकार करने की अपील की है।
इस मामले में संतों ने कहा कि किसी ने ट्रस्ट के साथ विश्वासघात किया है तो उसका दोष अकेले चंपत पर नहीं डाला जा सकता। महंत शशिकांत दास ने कहा कि सिर्फ चंपत को निशाना बनाना गलत है, उन्होंने तो खुद एसआईटी जांच का अनुरोध किया था।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच एसआईटी और पुलिस कर रही है। अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी अविनाश शुक्ला की पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि उसने चोरी के पैसों से कार खरीदी, गांव में घर बनवाया और अपने भाई को भी बड़ी रकम दी। अविनाश ने बताया कि टिन्नू और सुभाष की मिली-भगत होने की वजह से उसे पकड़े जाने का कोई डर नहीं था। वहीँ पूर्व गृह सचिव लक्ष्मी नारायण ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर को दान दी गई 5 करोड़ रुपए मूल्य की सोने से मढ़ी रामचरितमानस भी गायब हो गई है।
लखनऊ से बेंगलूरु जा रही एक फ्लाइट में विहिप पदाधिकारी और मंदिर ट्रस्ट के अनौपचारिक व्यवस्थापक गोपाल राव को यात्रियों के विरोध और नारेबाजी का सामना करना पड़ा। गुरुवार को फ्लाइट में किसी यात्री ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद 'चंदा चोर' और 'चढ़ावा चोर' के नारे लगने लगे।
सूत्रों के अनुसार विश्व हिंदू परिषद ने केंद्रीय प्रबंध समिति की 18 और 19 जुलाई को होने वाली बैठक का स्थान बदल दिया है। अब यह बैठक अयोध्या की बजाय दिल्ली में होगी।