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राम मंदिर का चढ़ावा चोरी हुआ तो इससे बीजेपी का क्या लेना-देना? भाजपा उपाध्यक्ष की दो टूक

Ram Mandir donation theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बयान देते हुए पंजाब भाजपा उपाध्यक्ष फतेह जंग सिंह बाजवा ने साफ किया है कि बीजेपी से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की एसआईटी जांच जारी है वहीं फैजाबाद बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस नहीं लड़ने का फैसला किया है।
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Jun 29, 2026
Ram Mandir Donation Row
अयोध्या राम मंदिर (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Ram Mandir donation theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला देखते ही देखते एक राजनीतिक विवाद में बदल गया है। मामला सामने आने के बाद से ही विपक्ष लगातार इसे लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है और चंदा चोरी में सरकार की भूमिका का दावा कर रहा है। वहीं सरकार इन आरोपों को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताती आई है। इसी कड़ी में अब पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष फतेह जंग सिंह बाजवा की इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है। बाजवा ने विपक्ष के आरोपों से इनकार करते हुए यह साफ कहा कि राम मंदिर से जुड़े धार्मिक मामलों का संचालन मंदिर समिति करती है और इसमें बीजेपी का कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अगर इसमें कोई गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच समिति और सरकार करेगी।

दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा- बाजवा

पंजाब भाजपा उपाध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सबसे पहली बात, बीजेपी का इससे क्या लेना-देना है। श्री राम मंदिर समेत किसी भी धार्मिक मामले को वहां की समिति संभालती है। अगर कोई चोरी या वित्तीय अनियमितता हुई है तो समिति और सरकार इसकी जांच करेगी। बाजवा ने आगे कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

एसआईटी गठन से पहले ही 58 लाख रुपये बरामद

बता दें कि, जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे में कथित गबन का मामला अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक लगभग 58 लाख रुपये की रकम उस समय बरामद कर ली गई थी, जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने औपचारिक जांच शुरू भी नहीं की थी। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने आंतरिक जांच के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से यह रकम बरामद की थी। इसके बाद बाकी रकम बैंक ट्रांसफर के जरिए लौटाई गई। बाद में एसआईटी जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दिया

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सार्वजनिक होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। जांच में कैश हैंडलिंग, कर्मचारी सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी से जुड़ी कई कथित लापरवाहियों की बात सामने आई है। मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर पद छोड़ दिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले पर सवाल उठाए हैं, जबकि विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पारदर्शी जांच की मांग की है। इसी बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन ने गिरफ्तार आरोपियों का केस न लड़ने का फैसला लिया है।

Updated on:
29 Jun 2026 03:58 pm
Published on:
29 Jun 2026 03:58 pm