17 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Jharkhand Protest: छात्रों की मांगों पर क्यों अड़ी हेमंत सोरेन सरकार? चौथे दौर की वार्ता से पहले BJP ने घेरा

Jharkhand student protest for CBI probe in recruitment exams: रांची में भर्ती परीक्षा धांधली के खिलाफ छात्र प्रदर्शन जारी। सरकार और छात्रों की आज होने वाली वार्ता से पहले BJP ने CM हेमंत सोरेन पर साधा निशाना। पढ़ें पूरी अपडेट।
2 min read
Google source verification
Devendra Nath Mahato stages a protest.

देवेंद्र नाथ महतो और अन्य छात्र (Photo- ANI)

Jharkhand Students Protest: झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर रांची में जारी छात्र आंदोलन आज 24वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस गतिरोध को तोड़ने के उद्देश्य से हेमंत सोरेन सरकार ने एक बार फिर आंदोलनकारी छात्रों को आज सोमवार दोपहर 2 बजे वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, इस अहम बैठक से पहले मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है और मुख्यमंत्री पर छात्रों के इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है।

क्या बोली बीजेपी?

बीजेपी झारखंड के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, 'हमें बातचीत से कोई आपत्ति नहीं है। बातचीत होनी ही चाहिए और सरकार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगें स्वीकार करनी चाहिए। लेकिन बेहतर होता अगर आज की बातचीत से उन चार मंत्रियों को हटा दिया जाता, जो शुरुआत से ही इन वार्ताओं का हिस्सा रहे हैं। उनकी कोशिशों के बावजूद बातचीत बेनतीजा रही। इनमें से दो मंत्रियों ने छात्रों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। ऐसे में आप किस तरह का संदेश दे रहे हैं?

काश, मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाई होती और खुद इन वार्ताओं में शामिल होते। वह छात्रों की मांगें स्वीकार न करने पर अड़े हुए क्यों हैं? राहुल गांधी के इशारे पर वह न सिर्फ छात्रों पर लाठीचार्ज करवाते हैं, बल्कि हत्या के प्रयास जैसी झूठी एफआईआर भी दर्ज करवाते हैं। साथ ही यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने कभी बातचीत बंद नहीं की। जिस दिन आपके मंत्री ने कहा था कि छात्रों की मांगें स्वीकार नहीं की जा सकतीं, उसी दिन आपने बातचीत छोड़ दी थी।

आप छात्रों की मुख्य मांगें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। हमारा मानना है कि मुख्यमंत्री को खुद बातचीत में शामिल होना चाहिए था और छात्रों की सभी मांगें स्वीकार करनी चाहिए थीं। आपने छात्रों को मूसलाधार बारिश के बीच टेंट में रहने के लिए मजबूर कर दिया, जबकि उन्हें लाइब्रेरी में होना चाहिए था।'

सरकार से समर्थन वापस लें राहुल गांधी: प्रदर्शनकारी छात्र

प्रदर्शनकारी बहा लिंडा ने कहा, 'राहुल गांधी कहते हैं कि वह लाठीचार्ज की निंदा करते हैं। अगर आप वास्तव में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज से नाराज हैं, तो हम चाहते हैं कि आप हमारे धरना स्थल पर आएं और सरकार से अपना समर्थन वापस लें, ठीक उसी तरह जैसे आपने जंतर-मंतर पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।'

उन्होंने आगे कहा, 'विकास के नाम पर शहर की जमीन बेची जा रही है। यहां के पद केवल बाहरी लोगों को दिए जाते हैं और यहां बाहरी लोगों का दबदबा है। यह हड़ताल का 24वां दिन है। बातचीत चल रही है, लेकिन सरकार हमारी वास्तविक मांगों को स्वीकार नहीं कर रही है। हम हर हाल में अपनी मांगें पूरी करवाकर रहेंगे।'

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग