राष्ट्रीय

कर्नाटक कांग्रेस में गहराया संकट टला: सीएम डीके शिवकुमार बोले- रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे का मुद्दा सुलझ गया

Ramalinga Reddy Resignation: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार का कहा कि नवगठित मंत्रिमंडल से वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे का मामला सुलझा गया है।

2 min read
Jun 06, 2026
Karnataka New Chief Minister
डीके शिवकुमार(फोटो-ANI)

Karnataka CM DK Shivakumar Statement: कर्नाटक कांग्रेस में गहराया संकट टल गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को स्पष्ट किया है कि नवठित मंत्रिमंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे का मामला अब सुलझ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक के पूर्व मंत्री उनके मित्र हैं। उन्होंने मीडिया और राजनीतिक हलकों से अफवाहें नहीं फैलाने की अपील की है और जोर देकर कहा कि पार्टी के भीतर की सभी समस्याएं सुलझा ली गई हैं।

शपथ के बाद दे दिया था इस्तीफा

रामलिंग ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शपथ लेने के महज दो दिन बाद मंत्रिमंडल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पांच दशकों से अधिक समय तक कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहने के बाद भी वह कांग्रेस पार्टी में बने रहेंगे।

सीएम शिवकुमार दावा, सभी समस्याएं सुलझ गई

मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि रामलिंगा रेड्डी मेरे दोस्त हैं। सभी समस्याएं सुलझ गई हैं। मनगढ़ंत कहानियां नहीं बनाएं। वे सभी कहानियां पुरानी हो चुकी हैं। इस्तीफे का मामला सुलझ गया है।

पीएम मोदी से मिलने की जताई इच्छा

मुख्यमंत्री ने राजनीति बनाए रखने के बारे में भी बात की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जून को संपन्न हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन्हें कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे शुभकामनाएं दीं। मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं। मुझे उनसे शिष्टाचारवश मिलना चाहिए। हम राजनीति सिर्फ राजनीति के लिए नहीं करना चाहते। आइए हम सब मिलकर ऐसी राजनीति करें जिससे राज्य की जनता को लाभ हो।

रेड्डी से मुलाकात का किया था वादा

इससे पहले शुक्रवार को शिवकुमार ने कहा था कि वह रामलिंगा रेड्डी से बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वह आठ बार के विधायक रेड्डी से चर्चा के लिए मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा था कि बिल्कुल, मैंने उनसे वादा किया था। हम उनसे बात करेंगे और उन्हें मना लेंगे। वह पार्टी के बहुत वरिष्ठ नेता हैं।

खबरों के मुताबिक, रेड्डी बेंगलुरु के विकास मंत्रालय का प्रभार पाने की इच्छा रखते थे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, रेड्डी ने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय केवल उनकी मंत्री पद की भूमिका तक सीमित था, न कि उनकी पार्टी की सदस्यता तक, और उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है।

Published on:
06 Jun 2026 03:01 pm