राष्ट्रीय

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर रामदास अठावले ने दिया बयान, बताया पार्टी का क्या है स्टैंड

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा नहीं देना चाहिए।
2 min read
• •
Sep 29, 2026
Ramdas Athawale on Gyanesh Kumar,
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (Photo-IANS)

Ramdas Athawale on Gyanesh Kumar: चुनाव आयोग को लेकर जारी सियासी बयानबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है। बता दें कि चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर इंडियन एक्सप्रेस में खुलासा होने के बाद विपक्ष लगातार सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

रामदास आठवले ने कहा कि जब तीनों ने इस मुद्दे पर चर्चा की थी, तो सभी को अपनी राय रखने का अधिकार था। निर्णय सर्वसम्मति से घोषित किया गया था। तीनों चुनाव आयुक्तों ने सामने आकर स्पष्ट किया है कि फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था।

'कांग्रेस चाहे जितनी मांग करे, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे'

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, "ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। कांग्रेस चाहे कितनी भी मांग करे, ज्ञानेश कुमार को बिल्कुल इस्तीफा नहीं देना चाहिए। यह मेरा और मेरी पार्टी का रुख है।"

आठवले का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग के फैसलों और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है।

एकनाथ शिंदे ने क्या कहा? 

वहीं इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बैठक के बाद उन्होंने सार्वजनिक बयान जारी किया। जो झूठा नैरेटिव वे (विपक्ष) बना रहे थे, उसकी पोल खुल गई है और उनकी बनाई हुई हवा निकल गई है। तीनों चुनाव आयुक्त एक साथ आए और उन्होंने विस्तार से स्पष्टीकरण दिया।

उन्होंने कहा कि अब आंदोलन किस बात को लेकर किया जा रहा है? जब तेलंगाना, कर्नाटक, केरल या हिमाचल प्रदेश में वे चुनाव जीतते हैं, तब उन्हें चुनाव आयोग अच्छा लगता है। लेकिन जब वे चुनाव हार जाते हैं, तो चुनाव आयोग को खराब बताने लगते हैं।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि विपक्ष की यह आदत बन गई है, जब वे चुनाव हारते हैं तो चुनाव आयोग को गालियां देते हैं और जब जीतते हैं तो उसी चुनाव आयोग की तारीफ करते हैं।

Updated on:
29 Sept 2026 05:18 pm
Published on:
29 Sept 2026 05:03 pm
Also Read
View All