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‘सरकार मूकदर्शक नहीं बन सकती’, CEC ज्ञानेश कुमार मामले पर बोले केरल के गृह मंत्री

Gyanesh Kumar: केरल में पूर्व PWD सचिव ज्ञानेश कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जानिए क्या है पूरा मामला...
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PWD Secretary Scam, Vigilance Probe Kerala
CEC ज्ञानेश कुमार पर केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला का बड़ा आरोप (फोटो सोर्स- ANI)

Ramesh Chennithala: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े पुराने मामले को लेकर केरल में सियासत तेज हो गई है। राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि PWD सचिव रहते ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित अनियमितताओं और भ्रष्ट गतिविधियों को लेकर शिकायत मिली थी। उन्होंने बताया कि मामले को विस्तृत जांच के लिए विजिलेंस निदेशक के पास भेज दिया गया है। यह पूरा मामला कांग्रेस कार्यकर्ता मालयिनकीझु वेणुगोपाल द्वारा सौंपी गई एक शिकायत और उसके बाद मलेशियाई प्रोजेक्ट इंजीनियर की संदिग्ध आत्महत्या से जुड़ा हुआ है।

सुसाइड नोट में नाम आने के बाद हरकत में आई सरकार

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया कि उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ता वेणुगोपाल से एक विस्तृत शिकायत मिली थी, जिसमें ज्ञानेश कुमार के PWD सचिव रहते हुए किए गए कथित घोटालों और भ्रष्टाचार का जिक्र था।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब इस परियोजना से जुड़े मलेशियाई प्रोजेक्ट इंजीनियर ली ने आत्महत्या कर ली। इंजीनियर के सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से PWD सचिव ज्ञानेश कुमार का उल्लेख किया गया था। गृह मंत्री ने कहा कि ऐसी गंभीर परिस्थितियों में सरकार मूक दर्शक बनकर नहीं बैठ सकती। सुसाइड नोट में किसी अधिकारी का नाम आना बेहद गंभीर बात है, इसलिए निष्पक्ष न्याय के लिए मामले को विजिलेंस निदेशक के पास भेजा गया है।

'यह राजनीतिक बदला नहीं, कर्तव्य का पालन है'

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को लेकर जब राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हुई, तो गृह मंत्री ने साफ किया कि इस कदम का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी बीजेपी के कुशासन के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रही है, और ज्ञानेश कुमार केवल शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों पर काम करने वाले एक माध्यम मात्र हैं। लेकिन यह मामला पूरी तरह से प्रशासनिक अनियमितता और कानूनी अपराध से जुड़ा है।
चेन्निथला ने स्पष्ट किया कि एक मंत्री के रूप में अगर उनके सामने कोई संज्ञेय अपराध (cognizable offense) आता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराना उनकी कानूनी जिम्मेदारी बनती है। विजिलेंस को पूरे मामले की गहराई से जांच करने दी जाए ताकि जनता के सामने सच आ सकें।

विजिलेंस जांच से खुलेगा सच

रिपोर्टों के अनुसार, मलेशियाई इंजीनियर ली सी बीन ने 2006 में कुआलालंपुर में आत्महत्या की थी। वह उस समय प्रोजेक्ट से जुड़े काम और भुगतान को लेकर सरकारी अधिकारियों के साथ विवाद में थे। उनकी मौत के बाद मिले कथित सुसाइड नोट में कुछ अधिकारियों के नाम का जिक्र किया गया था। नोट में प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए थे। इसके बाद तत्कालीन एलडीएफ सरकार ने पूरे मामले की विजिलेंस जांच कराने का फैसला लिया था।

Updated on:
04 Oct 2026 10:55 am
Published on:
04 Oct 2026 10:46 am