
देश में कोरोना संकट के चलते महंगाई काफी बढ़ चुकी थी, लोग पहले ही आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे, वहीं अब ये खबर झटका दे सकती है। दरअसल, देश में इस साल मकानों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी होने के आसार बन रहे हैं। रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन क्रेडाई (CREDAI) की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 21 फीसदी डेवलपर्स ने कहा कि इस साल मकानों की कीमतों में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। साथ ही बताया कि करीब 60 फीसदी डेवलपर्स को इस साल प्रॉपर्टी की कीमतों में 20 फीसदी तक उछाल आने की उम्मीद है।
रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन के मुताबिक करीब 35 फीसदी डेवलपर्स ने 10-20 फीसदी वृद्धि का अनुमान जताया है। वहीं, 25 फीसदी का मानना है कि मकानों की कीमतें में बढ़ोतरी 10 फीसदी तक रह सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सर्वे 30 दिसंबर 2021 से 11 जनवरी 2022 के बीच किया गया था और इसमें देश के 1,322 डेवलपर्स से बातचीत की गई है। क्रेडाई के मुताबिक, भवन कंस्ट्रक्शन मैटेरियल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण प्रॉपर्टी प्राइस में उछाल आ सकता है।
मकानों की कीमत बढ़ने खास वजह:
क्रेडाई के मुताबिक, देश में हुए सर्वे में शामिल 21 राज्यों के डेवलपर्स ने कहा कि उद्योग महामारी से उबर रहा है। उनका कहना है कि मांग अब भी कोरोना से पहले के स्तर पर नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों के दाम बढ़ने से मकानों की कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। सर्वे में दिल्ली, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई महानगर क्षेत्र और पुणे के रियल एस्टेट डेवलपर्स शामिल हैं।
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ऑनलाइन बिक्री पर फोकस:
क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्षवर्धन पटौदिया ने कहा कि महामारी के दौर में ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने के लिए डेवलपर्स डिजिटल बिक्री पर जोर दे रहे हैं। करीब 39 फीसदी डेवलपर्स अपनी 25 फीसदी बिक्री ऑनलाइन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महामारी की तीसरी लहर आने के बाद हम सरकार से इसकी रोकथाम के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।
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